नई दिल्ली: पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक सदस्यों में से एक आमिर हमजा को लाहौर में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार दी है। उसे फिलहाल एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
हमजा ने 1985 और 1986 के बीच आतंकी हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर की स्थापना की थी। उसका नाम भारत और दुनिया भर में कई आतंकी गतिविधियों से जुड़ा रहा है। सईद के बाद उसे लश्कर का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण नेता माना जाता है और अमेरिका ने भी एक आतंकी घोषित किया हुआ है।उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लाहौर में एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर कुछ अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलीबारी की।
कौन है आमिर हमजा?
1959 में जन्मा हमजा एक बड़ा आतंकी है। LeT के एक शीर्ष विचारक के तौर पर वह एक जोशीले वक्ता और लेखक के रूप में जाना जाता है। एक समय उसने इस आतंकी समूह के आधिकारिक प्रकाशन का संपादन भी किया था। उसने कई किताबें भी लिखीं, जिनमें 2022 में प्रकाशित 'काफिला दावत और शहादत' (प्रचार और शहादत का कारवां) भी शामिल है।
ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
2018 में लश्कर से खुद को कर लिया था अलग
2018 में पाकिस्तानी सरकार द्वारा जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन जैसे चैरिटी संगठनों के जरिए LeT के फंडिंग चैनलों पर की गई सख्त कार्रवाई के बाद हमजा ने कथित तौर पर खुद को लश्कर से अलग कर लिया था।
बाद में उसने 'जैश-ए-मनकफा' नाम से एक अलग गुट बनाया और LeT के लिए फंड जुटाना जारी रखा। इस पैसे का इस्तेमाल उसने जम्मू और कश्मीर सहित अन्य जगहों पर आतंकी गतिविधियों को फंड करने के लिए किया।


Comments