दंतेवाड़ा : प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार दोपहर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज- 4 के कार्यों का जशपुर नगर स्थित रणजीता स्टेडियम में शिलान्यास किया।इस कार्यक्रम का पूरे राज्य में वर्चुअल माध्यम से सीधा प्रसारण देखा गया। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज-4 के तहत दंतेवाड़ा जिले को 3935.90 लागत 12 नई सड़कों (43.16 किमी ) की सौगात मिली। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत इन 12 सड़कों का निर्माण दंतेवाड़ा, गीदम, कटेकल्याण और कुआकोंडा विकास खंडों में किया जाएगा। प्रमुख मार्गों में दंतेवाड़ा से कुदेंली, टोटापारा से टेमरुभाटा, पाहुरनार रोड से कौवरगांव, पाहुरनार से बड़ेकरका, तालनार से मुंडेर तथा हिड़पाल रोड से बालेंगपाल शामिल हैं। इसके अलावा डोंगरीपारा से गिरसापारा, गुड़से से पुजारीपारा (मिचगोंदी), सुरनार से कुम्हारपारा और हल्बारास, मैलावाड़ा से जरीपारा, कोरिरास-टिकमपाल मार्ग से लेंदा, पालनार पेरमापारा से अचेली जैसी महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों का भी निर्माण प्रस्तावित है।
इस अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित संयुक्त जिला कार्यालय के डंकनी सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने लाइव प्रसारण के माध्यम से इस कार्यक्रम को देखा।इस दौरान जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के उद्देश्य से स्वीकृत इन परियोजनाओं को ग्रामीण संपर्क व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इन सड़कों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बाजार जैसी मूलभूत सुविधाओं तक ग्रामीणों की पहुंच भी बेहतर हो सकेगी।
ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
इस वर्चुअल कार्यक्रम में स्थानीय विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि आज प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा दंतेवाड़ा जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (फेस-04) के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास एवं शुभारंभ किया जाना जिले के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है। उन्होंने जिलेवासियों की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगी।
विधायक ने बताया कि प्रथम चरण में 12 सड़कों का भूमिपूजन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में 38 और सड़कों की स्वीकृति मिलने की संभावना है, जिससे विकास कार्यों का दायरा और व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि पहले नक्सल समस्या के कारण क्षेत्र में विकास कार्य प्रभावित थे और बुनियादी ढांचे का विस्तार नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब परिस्थितियाँ काफी बदल चुकी हैं और बस्तर क्षेत्र नक्सलमुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में सड़क, पुल और पुलियों का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में विकास की नई गति देखने को मिल रही है।


Comments