जिस तरह हिंदू धर्म में हर एक दिन किसी-न-किसी देवी-देवता को समर्पित है, ठीक उसी प्रकार शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित माना जाता है। ऐसे में अगर आप शनिवार के दिन शनि देव के मंत्रों का जप करते हैं, तो इससे आपको न्याय के देवता की असीम कृपा प्राप्त होती है। साथ ही साढ़ेसाती और ढैय्या से भी राहत मिल सकती है।
1. शनि मूल मंत्र -
ॐ शं शनैश्चराय नमः।
2. शनि बीज मंत्र -
ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।
ॐ सूर्यात्मजाय विद्महे मृत्युरूपाय धीमहि तन्नः सौरिः प्रचोदयात्॥
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4. शनि प्रणाम मंत्र -
ॐ नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्।
छाया मार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम्॥
5. शनि वैदिक मंत्र -
ॐ शन्नोदेवीर भिष्टयऽआपो भवन्तु पीतये शंय्योरभिस्त्रवन्तुनः।
6. शनि एकाक्षरी मंत्र -
शं॥
7. साढ़ेसाती से राहत पाने के लिए मंत्र -
ऊँ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुक मिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात्।।
ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।संयोरभिश्रवन्तु न:। ऊँ शं शनैश्चराय नमः।।
ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामिशानश्चराम।।
8. ॐ शन्नोदेवीरभिस्ताय आपो भवन्तु पीतये
शनयोरभिस्रवन्तु नः, ॐ समं शनैश्चराय नमः।
ॐ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजं
छायामार्तण्डसंभूतं तम नमामि शनैश्चरम।
शनि दोष से मुक्ति पाने के अचूक उपाय
यदि आप शनि दोष, साढ़ेसाती या ढैय्या के कष्टों से परेशान हैं, तो इन विशेष उपायों को अपनाकर राहत पा सकते हैं -


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