अकेलापन बन सकता है जानलेवा: वयस्कों में दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा, स्टडी में खुलासा

अकेलापन बन सकता है जानलेवा: वयस्कों में दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा, स्टडी में खुलासा

आजकल बहुत से लोग भीड़ में रहकर भी खुद को अकेला महसूस करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह अकेलापन सिर्फ मानसिक स्थिति नहीं, बल्कि शरीर की गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है.हाल ही में एक बड़ी और चौंकाने वाली रिसर्च में यह सामने आया है कि जो लोग खुद को ज्यादा अकेला महसूस करते हैं, उनमें दिल के वाल्व (Heart Valve) की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है. यह अध्ययन Journal of the American Heart Association में प्रकाशित हुआ है. ऐसे में आइए जानते हैं कि वयस्कों में अकेलापन से दिल की बीमारी का खतरा क्यों होता है और स्टडी में क्या पाया गया.

वयस्कों में अकेलापन से दिल की कौन सी बीमारी का खतरा होता है

वयस्कों में अकेलापन से दिल के वाल्व (Heart Valve) की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है. दिल में चार मुख्य वाल्व होते हैं, जो खून के सही बहाव को कंट्रोल करते हैं. जब इनमें से कोई भी वाल्व सही से काम नहीं करता, तो इसे वाल्वुलर हार्ट डिजीज (Valvular Heart Disease) कहा जाता है. इस बीमारी में दिल से खून का बहाव सही तरीके से नहीं हो पाता है. दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, धीरे-धीरे दिल कमजोर हो सकता है और गंभीर स्थिति में सर्जरी तक की जरूरत पड़ सकती है.

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स्टडी में क्या पाया गया?

इस रिसर्च में लगभग 4.63 लाख लोगों को शामिल किया गया, जो UK Biobank से जुड़े थे. इन लोगों की सेहत को लगभग 14 साल तक ट्रैक किया गया. जो लोग ज्यादा अकेलापन महसूस करते हैं, उनमें दिल की वाल्व बीमारी का खतरा 19 प्रतिशत ज्यादा पाया गया. वहीं जिसमें Aortic valve stenosis का खतरा 21 प्रतिशत बढ़ा और Mitral valve regurgitation का खतरा 23 प्रतिशत बढ़ा पाया गया.

वयस्कों में अकेलापन से दिल की बीमारी का खतरा क्यों होता है

स्टडी में बहुत दिलचस्प बात सामने आई कि जब व्यक्ति अंदर से खुद को अकेला महसूस करता है तब व्यक्ति दूसरों से कम मिलता-जुलता है. रिसर्च में पाया गया कि सिर्फ अकेलापन महसूस करना दिल की बीमारी से जुड़ा है, लेकिन अकेले रहना सीधे तौर पर इतना बड़ा कारण नहीं पाया गया. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्टडी ऑब्जर्वेशनल (observational) है. इससे यह साबित नहीं होता कि अकेलापन सीधे बीमारी पैदा करता है, लेकिन दोनों के बीच एक मजबूत संबंध जरूर दिखाई देता है.

कौन सी आदतें बढ़ाती हैं दिल की बीमारी खतरा

स्टडी में यह भी पाया गया कि अकेलेपन से जुड़ी कुछ आदतें इस बीमारी को और बढ़ा सकती हैं, जैसे धूम्रपान करना, शराब का ज्यादा सेवन, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और खराब नींद ये सभी चीजें मिलकर दिल की सेहत को कमजोर करती हैं.

एक्सपर्ट्स की राय क्या है?

विशेषज्ञों का कहना है कि अकेलापन सिर्फ इमोशनल समस्या नहीं है, यह शरीर को भी प्रभावित करता है. इसे गंभीरता से लेना चाहिए और मरीजों से डॉक्टरों को मानसिक स्थिति के बारे में भी बात करनी चाहिए विशेषज्ञ के अनुसार अगर अकेलेपन को कम किया जाए, तो दिल की बीमारी की गति धीमी हो सकती है और कई मामलों में सर्जरी की जरूरत भी टल सकती है. जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है. साथ ही अकेलापन भी बढ़ने लगता है. इसलिए बुजुर्ग लोगों में यह जोखिम और भी ज्यादा हो सकता है.








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