खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती, डेढ़ महीने में 204 प्रकरण दर्ज — 58 लाख रुपये अर्थदंड प्रस्तावित

खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन की सख्ती, डेढ़ महीने में 204 प्रकरण दर्ज — 58 लाख रुपये अर्थदंड प्रस्तावित

बलौदाबाजार : जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के स्पष्ट निर्देशों के बाद खनिज विभाग ने विशेष अभियान चलाकर अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई की है। इस अभियान के परिणामस्वरूप पिछले लगभग डेढ़ महीने के भीतर कुल 204 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें करीब 58 लाख रुपये का अर्थदंड प्रस्तावित किया गया है।


विशेष अभियान के तहत कार्रवाई तेज
खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभागीय टीमों द्वारा नियमित निरीक्षण, छापेमारी और जांच की जा रही है, जिससे अवैध गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है।
डेढ़ महीने की अवधि में कुल 204 मामलों में कार्रवाई की गई, जिनमें:
141 प्रकरण अवैध उत्खनन के
63 प्रकरण अवैध परिवहन के शामिल हैं।


अवैध ईंट निर्माण के सर्वाधिक मामले
कार्रवाई के दौरान यह सामने आया कि जिले में अवैध ईंट निर्माण के मामले सबसे अधिक पाए गए। आंकड़ों के अनुसार:
138 प्रकरण अवैध ईंट निर्माण से संबंधित
1 प्रकरण रेत उत्खनन का
2 प्रकरण मुरूम उत्खनन के दर्ज किए गए।


इसके अलावा अवैध परिवहन के मामलों में:
55 प्रकरण रेत के अवैध परिवहन के
6 प्रकरण चूना पत्थर के
2 प्रकरण ईंट परिवहन के शामिल हैं।
कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई
इन सभी मामलों में संबंधित आरोपियों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 21(1) एवं 23(ख) के साथ-साथ
छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 और
छत्तीसगढ़ खनिज (उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 के नियम 4(3) के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
इन प्रावधानों के अनुसार आरोपियों पर कुल मिलाकर लगभग 58 लाख रुपये का अर्थदंड प्रस्तावित किया गया है, जिसकी वसूली की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

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प्रशासन की सख्ती से माफियाओं में हड़कंप
जिला प्रशासन की इस लगातार कार्रवाई से अवैध खनन और परिवहन में लिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। कई स्थानों पर अवैध गतिविधियां बंद होने लगी हैं और खनिज माफियाओं पर दबाव बढ़ा है।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार का अवैध खनन या परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

जनसहभागिता की अपील
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध खनन या परिवहन की गतिविधि दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

निष्कर्ष
जिला प्रशासन की इस सक्रियता से यह स्पष्ट है कि खनिज संपदा की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर सरकार पूरी तरह गंभीर है। लगातार की जा रही कार्रवाई से न केवल राजस्व की हानि पर रोक लगेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। आने वाले समय में इस अभियान को और तेज करने की तैयारी की जा रही है।








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