नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित दूसरे दौर की बातचीत पर अनिश्चितता बढ़ गई है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल इस वार्ता में शामिल होने की योजना नहीं बना रहा है। यह जानकारी ईरान की सरकारी मीडिया ने दी है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने कहा कि इस्लामाबाद में दूसरे दौर की बातचीत को लेकर जो खबरें चल रही हैं, वे सही नहीं हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने वार्ताकारों को पाकिस्तान भेजने का आदेश दिया है, जबकि मिडिल ईस्ट में युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है।
अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप
ईरान ने अमेरिका पर अत्यधिक मांगें रखने का आरोप लगाया है। उसके मुताबिक, अमेरिका की अव्यावहारिक शर्तें, बार-बार रुख बदलना और विरोधाभासी बयानबाजी बातचीत में बाधा बन रही हैं।ईरान ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी युद्धविराम के समझौते का उल्लंघन है और इससे हालात और खराब हो रहे हैं। तेहरान का कहना है कि इन परिस्थितियों में सकारात्मक बातचीत की संभावना बहुत कम है।
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'ब्लेम गेम' और बढ़ता तनाव
ईरान ने अमेरिका पर 'ब्लेम गेम' खेलने का भी आरोप लगाया है। उसने कहा कि अमेरिका जानबूझकर यह खबर फैला रहा है कि ईरान बातचीत में शामिल होगा, ताकि उस पर दबाव बनाया जा सके।
इस बीच, अमेरिकी नाकेबंदी और एक ईरानी जहाज पर कार्रवाई ने तनाव और बढ़ा दिया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इसका जवाब देगा। सूत्रों के मुताबिक, ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक नाकेबंदी नहीं हटती, तब तक बातचीत संभव नहीं है।
ट्रंप का बयान
डोनल्ड ट्रंप ने ईरान पर युद्धविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें अभी भी समझौते की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान को उचित और अच्छा प्रस्ताव दे रहा है और उम्मीद है कि ईरान इसे स्वीकार करेगा।


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