परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद: देश की राजधानी दिल्ली में स्थित इंदिरा भवन (AICC कार्यालय) में अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस बैठक में देशभर से आए आदिवासी कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के साथ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीधा संवाद कर जमीनी मुद्दों पर चर्चा की।कार्यक्रम में विशेष रूप से जनक ध्रुव की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं और जमीनी हकीकत को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों के संरक्षण, वनाधिकार पट्टों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आदिवासी युवाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि “जब तक स्थानीय स्तर पर अधिकारों का सही क्रियान्वयन नहीं होगा, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है।”इस अवसर पर आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, नेशनल कॉर्डिनेटर (SC, ST, OBC, Minorities Deptt.) के. राजू सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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संवाद के दौरान आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, वन संसाधनों पर उनके हक, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर मंथन किया गया। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने उपस्थित प्रतिनिधियों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और भरोसा दिलाया कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा कांग्रेस पार्टी की सर्वोच्च प्राथमिकता में है।विधायक जनक ध्रुव ने अपने संबोधन में कहा कि आदिवासी समाज देश की मूल आत्मा है और उनके अधिकारों की रक्षा करना केवल संवैधानिक दायित्व ही नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा और जागरूकता के माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर आदिवासी समाज के हितों की रक्षा, उनके अधिकारों के संरक्षण और सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया। यह संवाद कार्यक्रम आदिवासी समाज के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


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