बलरामपुर-रामानुजगंज: जिले के चांदो स्थित एक शासकीय स्कूल में बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। यहां बीते शैक्षणिक सत्र के लिए मंगाए गए सैकड़ों स्कूल यूनिफॉर्म बच्चों तक पहुंचने के बजाय गांव के कचरे के ढेर में पड़े मिले। इस मामले ने न सिर्फ स्कूल प्रबंधन बल्कि शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, जब उन्होंने कचरे के पास नए और पैक यूनिफॉर्म पड़े देखे तो हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि ये ड्रेस सत्र 2024-25 के लिए आई थीं, लेकिन सत्र खत्म होने के बाद भी इन्हें छात्रों में वितरित नहीं किया गया। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि या तो यूनिफॉर्म बांटे ही नहीं गए या जरूरत से ज्यादा मंगाए गए थे।
मामले में स्कूल के प्राचार्य और स्टाफ की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। यदि यूनिफॉर्म जरूरत से अधिक मंगाए गए, तो इसके लिए जिम्मेदारी तय होना तय माना जा रहा है। वहीं यह भी साफ नहीं हो पाया है कि ये यूनिफॉर्म कचरे तक कैसे पहुंचे।घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में नाराजगी है। दूसरी ओर, स्कूल प्रबंधन और विभाग इस पूरे मामले को संभालने में जुटे नजर आ रहे हैं।
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पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
गौरतलब है कि बलरामपुर जिले में पहले भी यूनिफॉर्म वितरण को लेकर अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं। उस समय गंभीर आरोपों के चलते जिला शिक्षा अधिकारी तक को निलंबित किया गया था।
चोरी की थ्योरी पर सवाल
वर्तमान मामले में जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने जांच की बात कही है। प्रारंभिक जांच में दावा किया गया कि कुछ अज्ञात लोग स्कूल में घुसकर यूनिफॉर्म बाहर ले गए और कचरे में फेंक दिया। हालांकि इस तर्क पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं—आखिर चोर यूनिफॉर्म लेकर क्यों जाएंगे और फिर उन्हें फेंक क्यों देंगे?
फिलहाल, स्कूल प्रबंधन ने अपने बचाव में थाने में चोरी की शिकायत दर्ज करा दी है, लेकिन मामला अभी भी संदेह के घेरे में है।


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