नई दिल्ली: राघव चड्ढा समेत सात अन्य आम आदमी पार्टी (आप) सांसदों के पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने पर अन्ना हजारे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी सही रास्ते पर चलती रहती, तो शायद ये नेता पार्टी छोड़कर नहीं जाते।हजारे ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने की आजादी है। उन्हें जरूर कोई परेशानी हुई होगी, इसीलिए उन्होंने पार्टी छोड़ी।'
अन्ना की 'आप' को दो टूक
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना ने हजारे कहा 'यह आम आदमी पार्टी की गलती है। अगर उन्होंने सही रास्ता अपनाया होता, तो वे पार्टी छोड़कर नहीं जाते।' अन्ना ने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि जिन लोगों ने पार्टी छोड़ी है, उन्हें संगठन के भीतर जरूर कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा होगा।
अगर पार्टी सही दिशा में आगे बढ़ी होती, तो वे पार्टी नहीं छोड़ते। ' उन्होंने आगे कहा कोई न कोई वजह जरूर रहो होगी। लोकतंत्र में, हर व्यक्ति की अपनी राय होती है कि उसे कहां रहना है और कहां से जाना है।'
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कौन हैं अन्ना हजारे?
अन्ना हजारे अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वे भारत के भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन और ग्रामीण विकास कार्यों में अपनी भूमिका के लिए जाने जाते हैं। साल 2011-12 में अन्ना के नेतृत्व में चले भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन के दौरान ही राघव चड्ढा AAP में शामिल हुए थे।
बीजेपी में शामिल हुए राघव
शुक्रवार को AAP के कई राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ने का फैसला किया। चड्ढा ने यह भी दावा किया कि AAP के लगभग दो-तिहाई राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ दी है और वे एक अलग गुट के तौर पर काम करेंगे। चड्ढा के मुताबिक, सांसदों के इस समूह ने BJP में शामिल होने के लिए संवैधानिक प्राविधानों का इस्तेमाल किया है।
यह पूरा वाकया ऐसे समय में हुआ है ऐसे समय में हुआ है जब आप बेहद मुश्किल समय से गुजर रही है। बता दें पार्टी छोड़ने वालों में कई जाने-माने नाम शामिल हैं, जैसे स्वाति मालीवाल, क्रिकेटर से राज्यसभा सांसद बने हरभजन सिंह, संदीप पाठक, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी।


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