भाग्य बदलने वाले शुभ दिन: पंचांग की इन तिथियों पर पूजा से बरसती है देवी-देवताओं की कृपा

भाग्य बदलने वाले शुभ दिन: पंचांग की इन तिथियों पर पूजा से बरसती है देवी-देवताओं की कृपा

 हिंदू धर्म शास्त्रों में कुछ ऐसी तिथियों का वर्णन किया गया है, जिनपर सच्चे मन, श्रद्धा और विधि-विधान से की गई पूजा से साधक को 'अमोघ फल' प्राप्त होते हैं। इसका अर्थ है कि इस दिनों पर कई गई पूजा से ऐसे परिणाम मिलते हैं, जो कभी व्यर्थ नहीं जाते अचूक हो, या फिर जो उद्देश्य की पूर्ति करे। ऐसे में चलिए जानते हैं वह तिथियां जो निश्चित रूप से आपके जीवन में सकारात्मक परिणाम और सुख-समृद्धि लाती है।

अमोघ फल देने वाली तिथियां -

सनातन धर्म में कुछ विशेष दिन और तिथियां ऐसी मानी गई हैं, जिन पर की गई पूजा, उपासना, दान और मंत्र जप का फल कई गुना मिलता है। इन दिनों की गई साधना को 'अमोघ' (जो कभी खाली न जाए) कहा जाता है, जो इस प्रकार हैं -

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  • मकर संक्रांति - जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तब से उत्तरायण काल शुरू होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पर किया गया दान-पुण्य अमोघ फल देता है।
  • अक्षय तृतीया - हिंदू धर्म में यह साल का सबसे शुभ दिन माना गया है। इस दिन की गई पूजा, दान या खरीदारी का फल अक्षय (कभी न खत्म होने वाला) होता है।
  • नवरात्र - नौ दिनों तक मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा करने से साधक की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। विशेषकर नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की उपासना से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष के अमोघ फल मिलते हैं। साथ ही अष्टमी और नवमी पर किया गया हवन-पूजन कष्टों से मुक्ति दिलाता है।
  • महाशिवरात्रि - भगवान शिव की आराधना के लिए यह सबसे दिन सबसे उत्तम माना गया है, जो मानसिक शांति और कल्याण देने वाला है।
  • प्रदोष व्रत - हर महीने के त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा और व्रत किया जाता है, जिसे प्रदोष व्रत कहते हैं। इससे दरिद्रता दूर होती है और शुभ फल मिलता है।
  • एकादशी - हर महीने के शुक्ल और कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी तिथि पूर्ण रूप से भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित मानी जाती है। यह व्रत साधक को पुण्य और पाप मुक्ति प्रदान करता है।
  • पूर्णिमा - हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि भी विशेष महत्व रखती है। विशेष रूप से कार्तिक, वैशाख पूर्णिमा और गुरु पूर्णिमा (आषाढ़ पूर्णिमा) पर स्नान, दान और पूजा से अक्षय पुण्य मिलता है।
  • दीपावली - दीपावली हिंदू धर्म के मुख्य त्योहारों में से एक है। इस विशेष पर्व को सौभाग्य, समृद्धि और सुख की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसी मान्यता है कि दीपावली यानी कार्तिक अमावस्या की रात माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करने से पूरे साल धन-धान्य की कमी नहीं होती।

इनसे भी मिलता है अमोघ फल

माना जाता है कि भगवान शिव आराधना की आराधना विशेषकर सावन के महीने में जलाभिषेक करने से मिलने वाला फल भी अमोघ होता है। इसके साथ ही दुर्गा सप्तशती के पाठ से मिलने वाले फल भी निष्फल नहीं होते। यह मनोवांछित फल, सुख, समृद्धि, और मोक्ष प्रदान करने वाला माना जाता है।








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