आजकल हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए हम ऑनलाइन डिलीवरी ऐप्स पर निर्भर हो गए हैं. ग्रॉसरी से लेकर पैक्ड फूड तक, सबकुछ चंद मिनटों में घर के दरवाजे पर आ जाता है. लेकिन इस आधुनिक सुविधा के पीछे एक बड़ा जोखिम भी छिपा है. कई बार जल्दबाजी या निगरानी की कमी के चलते ग्राहकों को एक्सपायर्ड और खराब क्वालिटी का सामान थमा दिया जाता है. अब देश के शीर्ष खाद्य नियामक, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने कंपनियों की इस मनमानी पर सीधा प्रहार किया है. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ करने वाली एक ई-कॉमर्स कंपनी पर 6 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है.
लगातार शिकायतों के बाद हुई बड़ी कार्रवाई:- बाजार में यह लंबे समय से चिंता का विषय था कि कई ई-कॉमर्स ऑपरेटर अपनी बिक्री और डिलीवरी स्पीड बढ़ाने के चक्कर में क्वालिटी कंट्रोल को नजरअंदाज कर रहे हैं. FSSAI को भी इस बाबत उपभोक्ताओं की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं. इन शिकायतों को बेहद गंभीरता से लेते हुए, अथॉरिटी के नॉर्दर्न रीजनल ऑफिस ने एक विस्तृत जांच अभियान चलाया. इस पूरी जांच प्रक्रिया की निगरानी खुद आईपीएस अधिकारी देवेश कुमार महला ने की. जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खुलेआम ऐसे खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे थे, जिनकी एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी या जो किसी भी तरह से खाने लायक नहीं बचे थे. यह सीधे तौर पर देश के फूड सेफ्टी नियमों का एक गंभीर उल्लंघन था.
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कोर्ट तक पहुंचा मामला, लगा भारी जुर्माना:- खाद्य सुरक्षा कोई ऐसा व्यावसायिक मुद्दा नहीं है जिसे महज एक चेतावनी देकर छोड़ दिया जाए. जब केंद्रीय फूड सेफ्टी अधिकारियों ने इस मामले की गहराई से पड़ताल की, तो फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 और इससे जुड़े कई अन्य नियमों की धज्जियां उड़ती हुई नजर आईं. मामला इतना संगीन था कि इसे कानूनी प्रक्रिया के तहत गुरुग्राम के अतिरिक्त जिला आयुक्त (ADC) कोर्ट में पेश किया गया. पुख्ता सबूतों और नियमों के साफ उल्लंघन को देखते हुए कोर्ट ने संबंधित ई-कॉमर्स फूड बिजनेस ऑपरेटर पर 6 लाख रुपये का अर्थदंड तय किया. यह जुर्माना पूरी ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी इंडस्ट्री के लिए एक सख्त संदेश है कि डिजिटल मुनाफे की आड़ में आम जनता के स्वास्थ्य को ताक पर नहीं रखा जा सकता.
आपके पास भी है शिकायत का अधिकार:- इस पूरे मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि यह सफल कार्रवाई आम लोगों की सक्रिय शिकायतों के आधार पर ही संभव हो पाई है. इसलिए FSSAI ने एक बार फिर सभी उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील की है. एक जागरूक नागरिक और ग्राहक के तौर पर, अगर आपको किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म या सामान्य दुकान पर खराब या एक्सपायर्ड खाने का सामान बिकता हुआ दिखता है, तो खामोश न बैठें. आप तुरंत ‘Food Safety Connect App’ या सरकार के अन्य उपभोक्ता शिकायत पोर्टल्स पर अपनी बात दर्ज करा सकते हैं.


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