नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में गहराए तनाव के बीच ईरान के एक और शांति प्रस्ताव को खारिज करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने तेहरान पर सख्ती बढ़ाने के संकेत दिए हैं।
ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट से होने वाली तेल आपूर्ति में और अधिक व्यवधान की चेतावनी दी है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी के चलते ईरान को तेल निर्यात से होने वाली लगभग पांच अरब डॉलर की कमाई ठप हो गई है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना इस क्षेत्र में 'समुद्री डकैतों की तरह' काम कर रही है। हालांकि उन्होंने इसे रणनीतिक कार्रवाई बताया।
ईरान ने अमेरिका पर लगाया आरोप
उल्लेखनीय है कि ईरान पहले से ही अमेरिकी नाकेबंदी को 'समुद्री डकैती' करार देता रहा है। इसी बीच, ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका किसी भी संधि या समझौते का पालन नहीं करता और खाड़ी क्षेत्र में नए सिरे से युद्ध भड़क सकता है।
अमेरिका के विदेशी संपत्ति नियंत्रण विभाग ने चेतावनी दी है कि होर्मुज क्षेत्र से गुजरने के लिए ईरान को टोल देने वाले जहाजों पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने दावा किया है कि नौसैनिक नाकेबंदी के बाद से अब तक 48 व्यापारिक जहाजों को होर्मुज की ओर लौटाया गया है।
आइएएनएस के अनुसार, सैन्य तैनाती में भी बदलाव देखने को मिला है। लाल सागर में तैनात अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड फोर्ड को पश्चिम एशिया से वापस अमेरिका भेज दिया गया है, हालांकि होर्मुज के बाहर अब भी दो विमानवाहक पोत तैनात हैं।
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बताया गया कि जेराल्ड फोर्ड पिछले 10 महीनों से समुद्र में तैनात था और 12 मार्च को इसमें आग लगने की घटना भी हुई थी, जिसके बाद यह कुछ समय के लिए सेवा से बाहर रहा।
'समुद्री डकैतों की तरह अमेरिकी नौसेना'
फ्लोरिडा के पाम बीच में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि समुद्री डकैती का काम काफी मुनाफे वाला है और हाल ही में अमेरिकी बलों ने ईरान के एक तेल टैंकर पर कब्जा किया, जिससे उसका तेल भी अमेरिकी नियंत्रण में आ गया।
ट्रंप ने कहा, 'हम समुद्री डकैतों की तरह हैं, लेकिन हम चालबाजी नहीं करते।' ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वैश्विक तेल आपूर्ति के मार्ग बदल रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ जहाज अब टेक्सास की ओर रुख कर रहे हैं।
हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि दुनिया में तेल की कमी नहीं है और हालात सामान्य होते ही कीमतों में तेज गिरावट आ सकती है।
उधर, ईरानी समाचार एजेंसी फीर्स के अनुसार, खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स के डिप्टी इंस्पेक्टर सरदार असादी ने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों के बयान और कार्रवाइयां मीडिया-प्रेरित हैं। उनका उद्देश्य तेल की कीमतों में गिरावट को रोकना और मौजूदा हालात से खुद को बाहर निकालना है।
उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी सशस्त्र बल किसी भी नई 'हरकत या मूर्खता' का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
ईरान का प्रस्ताव, जिसे ट्रंप ने ठुकराया
रॉयटर्स के अनुसार, ट्रंप द्वारा खारिज किए गए ईरान के नए शांति प्रस्ताव को लेकर तेहरान के एक राजनयिक सूत्र ने जानकारी दी है। हालांकि ट्रंप ने प्रस्ताव का विवरण सार्वजनिक नहीं किया, लेकिन अधिकारी के अनुसार यदि इसे स्वीकार कर लिया जाता तो होर्मुज स्ट्रेट को खोला जा सकता था।
प्रस्ताव में यह गारंटी मांगी गई थी कि अमेरिका और इजरायल ईरान पर कभी हमला नहीं करेंगे। इसके बदले ईरान होर्मुज को खोलता और अमेरिका अपनी नाकेबंदी समाप्त करता।
इसके बाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंकुश लगाने के लिए वार्ता होती और बदले में प्रतिबंध हटाए जाते। सूत्र के अनुसार, इस ढांचे में जटिल परमाणु मुद्दे पर बातचीत को अंतिम चरण में रखा गया था ताकि पहले अनुकूल माहौल तैयार किया जा सके।
क्यूबा पर भी टिप्पणी
एपी के अनुसार, पाम बीच के कार्यक्रम में ट्रंप ने हल्के अंदाज में कहा कि ईरान युद्ध से लौटते समय अमेरिकी नौसेना क्यूबा पर कब्जा कर सकती है। उन्होंने कहा कि क्यूबा में कई समस्याएं हैं और यूएसएस अब्राहम लिंकन जैसे विमानवाहक पोत के जरिए यह संभव हो सकता है।
ट्रंप ने मजाकिया लहजे में कहा कि जैसे ही अमेरिकी पोत क्यूबा के तट से 100 गज की दूरी पर पहुंचेगा, वहां के लोग समर्पण कर देंगे। उल्लेखनीय है कि ट्रंप प्रशासन लगातार क्यूबा सरकार पर सुधारों के लिए दबाव बनाता रहा है।


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