एमसीबी : मनेन्द्रगढ़ जिले की नवनियुक्त कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने पदभार संभालने के बाद शनिवार को कलेक्टर कार्यालय सभा कक्ष में पत्रकारों से पहली औपचारिक चर्चा की। इस दौरान उन्होंने जिले की प्रशासनिक प्राथमिकताओं, जनहित के मुद्दों और कार्यशैली को लेकर स्पष्ट एवं सख्त संकेत दिए। बैठक में अपर कलेक्टर नम्रता डोंगरे तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अंकिता सोम भी मौजूद रहीं।पत्रकारों से चर्चा करते हुए कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने कहा कि जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा तथा आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण प्रशासन की जिम्मेदारी होगी।
शिक्षा विभाग में लंबे समय से चर्चा में रहे संलग्नीकरण के मुद्दे पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो संबंधित कर्मचारियों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर वापस भेजा जाएगा। कलेक्टर के इस बयान के बाद शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है।
शहर की यातायात व्यवस्था और बढ़ते अतिक्रमण पर भी कलेक्टर ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मनेन्द्रगढ़ शहर में सुगम यातायात और व्यवस्थित शहरी व्यवस्था प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल रहेगी। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
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भू-माफियाओं और अवैध जमीन कारोबार से जुड़े सवालों पर भी कलेक्टर ने दो टूक कहा कि नियम विरुद्ध किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन कानून के दायरे में रहकर सख्त कार्रवाई करेगा और जिले में पारदर्शी व्यवस्था कायम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पत्रकारों के साथ यह संवाद सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जहां प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय के संकेत भी देखने को मिले। नवागत कलेक्टर के सख्त लेकिन संवेदनशील रवैये से जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर नई उम्मीदें जागी हैं।


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