एमसीबी : मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले की कमान संभालते ही नई कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई हैं। कार्यभार ग्रहण करने के चंद घंटों के भीतर ही उन्होंने जिला अधिकारियों की मैराथन समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में 'सुस्त कार्यप्रणाली' के लिए कोई जगह नहीं है और जनता के काम समय-सीमा के भीतर ही होने चाहिए।
राजस्व मामलों पर सख्त रुख: "शून्य हो पेंडेंसी
कलेक्टर ने समीक्षा के दौरान राजस्व विभाग के लंबित मामलों पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि
नामांतरण और बंटवारा
अविवादित नामांतरण और बंटवारे के मामलों को समय-सीमा में निपटाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे प्रकरणों की पेंडेंसी शून्य (Zero) होनी चाहिए।
पुराने प्रकरणों का निपटारा
5 वर्ष से अधिक पुराने मामलों की शीघ्र सुनवाई कर उन्हें बंद किया जाए। साथ ही 1 से 5 साल तक लंबित केसों की समीक्षा कर एसडीएम और पटवारियों को रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए।
वनाधिकार पत्र
वनाधिकार पत्रों में त्रुटि सुधार और फौती नामांतरण के लंबित 5 प्रकरणों को तत्काल निराकृत करने के निर्देश दिए गए।
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आमजन की सुविधाओं पर सीधा फोकस पानी और सड़क प्राथमिकता
कलेक्टर जांगड़े ने बुनियादी सुविधाओं को लेकर विभागों की जवाबदेही तय की
पीएचई (PHE) को निर्देश नगर पालिका क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसकी निगरानी स्वयं एसडीएम करेंगे। साथ ही सभी रिपोर्ट 'ऑनलाइन' तैयार करने के निर्देश दिए। सड़क और निर्माण PMGSY के तहत वर्ष 2023-24 के लंबित 9 कार्यों और स्वीकृत 55 कार्यों को गति देने को कहा गया। PWD को बड़े निर्माण कार्यों और निविदा (टेंडर) की स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए
मुआवजा भुगतान
चिरमिरी और आसपास के क्षेत्रों में लंबित मुआवजा भुगतान को यथाशीघ्र पूरा करने को कहा गया है। अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे शासन की योजना बैठक के दौरान कलेक्टर ने दो-टूक कहा कि शासकीय कार्यालयों में आने वाले हर नागरिक की समस्या को संवेदनशीलता से सुना जाए। उन्होंने कहा, "शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कार्यों में पारदर्शिता और गति अनिवार्य है।"
प्रशासनिक अनुभव का मिलेगा लाभ कोरिया जिला पंचायत की सीईओ और स्वास्थ्य विभाग में संयुक्त सचिव रह चुकीं सुश्री जांगड़े के पास इस क्षेत्र का गहरा अनुभव है। पदभार संभालते ही उनके द्वारा बारीकी से की गई समीक्षा ने प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। अधिकारियों को स्पष्ट संदेश मिल चुका है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


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