नई दिल्ली: एक नए अंतरराष्ट्रीय सर्वे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका की वैश्विक साख में लगातार दूसरे साल गिरावट दर्ज की है।सर्वे के अनुसार, अमेरिका की छवि अब रूस और चीन दोनों से पीछे खिसक गई है। इस सर्वे में ट्रंप की विदेश नीति, टैरिफ और सैन्य कार्रवाइयों को लेकर दुनिया भर में बढ़ती बेचैनी की बात का जिक्र किया गया है।
ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिकी साख में गिरावट
डेनमार्क स्थित अलायंस ऑफ डेमोक्रेसीज फाउंडेशन के 'डेमोक्रेसी परसेप्शन इंडेक्स' में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप की आक्रामक नीतियों- खासकर भारी टैरिफ, सहयोगी देशों के साथ तनाव, नाटो पर सवाल और ईरान, वेनेजुएला और क्यूबा जैसे देशों को दी गई धमकियों ने कई राष्ट्रों को असहज कर दिया है।
मध्य-पूर्व में बढ़ती अस्थिरता और ईरान से जुड़े संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और शिपिंग मार्गों पर दबाव पड़ा है। ट्रंप द्वारा बार-बार अपनी ताकत और वर्चस्व के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन सर्वे के नतीजे इन दावों को खारिज करते दिख रहे हैं।
अमेरिका का नेट परसेप्शन स्कोर दो साल पहले के +22 प्रतिशत से गिरकर इस साल -16 प्रतिशत रह गया। वहीं, रूस का स्कोर -11 प्रतिशत और चीन का +7 प्रतिशत रहा।
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क्या कहती है रिपोर्ट?
यह स्टडी पोलिंग फ़र्म Nira Data ने 19 मार्च से 21 अप्रैल के बीच की थी, जो 98 देशों के 94,000 से ज्यादा लोगों के जवाबों पर आधारित था। यह रिपोर्ट कोपेनहेगन डेमोक्रेसी समिट से पहले जारी की गई थी और ट्रंप के चीन दौरे से पहले भी आई है।
NATO के पूर्व महासचिव और फाउंडेशन के संस्थापक एंडर्स फोग रासमुसेन ने कहा, 'अमेरिका की छवि में यह गिरावट दुखद है, लेकिन चौंकाने वाली नहीं। पिछले 18 महीनों में अमेरिकी विदेश नीति ने अटलांटिक संबंधों पर सवाल खड़े किए, बड़े टैरिफ लगाए और NATO सहयोगी पर हमले की धमकी दी।'
70 प्रतिशत लोग ट्रंप से नाखुश
इसके अलावा, CNN के एक अलग सर्वे में पता चला है कि 70 प्रतिशत लोग ट्रंप के आर्थिक प्रदर्शन से नाखुश हैं। केवल 30 प्रतिशत लोगों ने मंजूरी दी। उनके दूसरे कार्यकाल में नामंजूरी दर 56 प्रतिशत के पार पहुंच गई है, जबकि पहले कार्यकाल में यह 50 प्रतिशत से ऊपर नहीं गई थी।
हालिया आंकड़ों में 115,000 नई नौकरियां जुड़ीं, बेरोजगारी 4.3 प्रतिशत पर स्थिर रही, लेकिन ईरान संघर्ष के असर से महंगाई 3.8 प्रतिशत तक बढ़ गई।


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