कोरिया : छत्तीसगढ़ शासन के वन विभाग द्वारा वन आश्रित परिवारों एवं तेन्दूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। श्वन है तो जीवन है, तेन्दूपत्ता है तो रोजगार हैश् के संदेश के साथ जिले में वन विभाग एवं लघु वनोपज संघ ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रोजगार, बीमा सुरक्षा, शिक्षा प्रोत्साहन तथा सामाजिक सहायता योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कर रहा है।
’तेन्दूपत्ता संग्रहण बना ग्रामीणों की आजीविका का मजबूत आधार’
शासन द्वारा वर्ष 2026 सीजन के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण की दर 5.50 रुपये प्रति गड्डी निर्धारित की गई है। इसके अनुसार 100 गड्डियों पर 550 रुपये तथा प्रति मानक बोरा 5550 रुपये का भुगतान किया जाएगा। वन क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण आज भी रोजगार और आय का प्रमुख साधन बना हुआ है।
’लघु वनोपजों के समर्थन मूल्य से आर्थिक संबल’
न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत शासन द्वारा विभिन्न लघु वनोपजों की संग्रहण दर निर्धारित की गई है। इसके तहत सालबीज का मूल्य 18 रुपये प्रति किलो, लाख रंगीनी 15 रुपये प्रति किलो, फूड ग्रेड महुआ 275 रुपये प्रति किलो, चिरौंजी बीज 10 रुपये प्रति किलो, इमली 36 रुपये प्रति किलो, कोदो 32 रुपये प्रति किलो तथा माहुल पत्ता 38 रुपये प्रति किलो तय किया गया है।
इन निर्धारित दरों से वन आश्रित परिवारों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है तथा बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई है।
ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
’राजमोहनी देवी बीमा योजना से मिल रही सामाजिक सुरक्षा’
लघु वनोपज संघ द्वारा संचालित राजमोहनी देवी बीमा योजना के तहत तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को बीमा सुरक्षा प्रदान की जा रही है। योजना के अंतर्गत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के संग्राहकों की सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये तथा 51 से 59 वर्ष आयु वर्ग के लिए 30 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है। दुर्घटना जनित मृत्यु की स्थिति में 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के लिए 4 लाख रुपये तथा 51 से 59 वर्ष आयु वर्ग के लिए 75 हजार रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है। आंशिक विकलांगता की स्थिति में 37 हजार 500 रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
बीमा दावा प्राप्त करने के लिए मृत्यु दिनांक से छह माह के भीतर आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन समिति कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
’समूह बीमा योजना में परिवार के अन्य सदस्य भी सुरक्षित’
परिवारों को मिल रही अतिरिक्त आर्थिक सहायता तेन्दूपत्ता संग्राहकों के लिए संचालित समूह बीमा योजना के अंतर्गत परिवार के अन्य सदस्यों को भी बीमा सुरक्षा दी जाती है। योजना के तहत सामान्य मृत्यु, दुर्घटना जनित मृत्यु अथवा विकलांगता की स्थिति में 12 हजार रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को संकट की स्थिति में सहारा देने का कार्य कर रही है।
’बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन योजनाएं’
तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं। कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 2500 रुपये तथा 12वीं में 3000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रथम वर्ष में 10 हजार रुपये तथा आगामी वर्षों में 5-5 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। वहीं गैर-व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को भी चरणबद्ध आर्थिक सहायता दी जाती है। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए विशेष शिक्षा प्रोत्साहन योजना भी संचालित है, जिसके तहत कक्षा 10वीं में 15 हजार रुपये तथा 12वीं में 25 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
इन योजनाओं का लाभ उन्हीं परिवारों के बच्चों को दिया जाता है, जिन्होंने पिछले दो वर्षों में न्यूनतम 500 गड्डी तेन्दूपत्ता संग्रहण किया हो।
’चरण पादुका योजना से श्रमिकों को राहत’
अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत प्रत्येक तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवार को प्रतिवर्ष एक जोड़ी चरण पादुका भी प्रदान की जाती है, जिससे जंगल क्षेत्रों में कार्य करने वाले संग्राहकों को सुविधा मिल सके।
’करोड़ों की सहायता राशि का हुआ भुगतान’
बीमा और छात्रवृत्ति योजनाओं से लाभान्वित हुए सैकड़ों हितग्राही राजमोहनी देवी बीमा योजना के अंतर्गत जिले में अप्रैल 2024 से अक्टूबर 2025 तक प्राप्त 56 प्रकरणों में से 33 प्रकरणों में 34 लाख 70 हजार रुपये की राशि हितग्राहियों को प्रदान की गई है। शेष प्रकरण मुख्यालय रायपुर से स्वीकृति लंबित होने के कारण लंबित हैं। वहीं समूह बीमा योजना के तहत अप्रैल 2024 से दिसम्बर 2025 तक 18 प्रकरणों में 2 लाख 16 हजार रुपये की राशि का भुगतान किया गया है।
छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2023-24 में गैर व्यवसायिक, मेधावी एवं प्रतिभाशाली छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत विद्यार्थियों को सीधे बैंक खातों के माध्यम से राशि का भुगतान किया गया।
’वन आश्रित परिवारों के जीवन में बदलाव ला रही योजनाएं’
वनमण्डलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, कोरिया वनमण्डल बैकुण्ठपुर श्रीमती प्रभाकर खलको ने कहा है कि वन आश्रित परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए विभाग लगातार योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना भी है।


Comments