रायगढ़ : सेंट जेवियर स्कूल बोइरदादर में आयोजित एनसीसी संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर-126 के अंतर्गत विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें थाना यातायात एवं थाना साइबर के अधिकारी-कर्मचारी शामिल होकर एनसीसी कैडेट्स को सुरक्षित यातायात, साइबर अपराध, बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों तथा नशा मुक्ति के संबंध में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में 28th BN के कर्नल प्रवीण तेवतिया ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन, एकता और राष्ट्रसेवा की भावना ही एनसीसी की सबसे बड़ी पहचान है। उन्होंने कैडेट्स को जीवन में समय पालन, जिम्मेदारी, टीम वर्क और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया। कर्नल तेवतिया ने कहा कि एनसीसी केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं बल्कि युवाओं को नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और देशभक्ति की भावना से जोड़ने वाला मंच है। उन्होंने कैडेट्स से कहा कि आपसी एकता और अनुशासन के बल पर ही समाज और देश को मजबूत बनाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने युवाओं से नशे और गलत संगति से दूर रहकर शिक्षा, खेल और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रियता से भागीदारी निभायें ।
कार्यक्रम में ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह ने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि यातायात नियमों का पालन प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है और छोटी-छोटी लापरवाही भी गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। डीएसपी ट्रैफिक ने सड़क दुर्घटनाओं के विभिन्न कारणों पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि तेज रफ्तार, स्टंटबाजी, मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाना, शराब या नशीले पदार्थों के सेवन के बाद ड्राइविंग करना, ओवरलोडिंग, बिना हेलमेट एवं बिना सीट बेल्ट वाहन चलाना, गलत दिशा में वाहन चलाना, ट्रैफिक सिग्नल की अनदेखी, कम उम्र में वाहन चलाना, ओवरटेकिंग की जल्दबाजी तथा वाहन चलाते समय लापरवाही सड़क हादसों के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि अधिकांश दुर्घटनाएं नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं, जिन्हें जागरूकता और अनुशासन से रोका जा सकता है। उन्होंने कैडेट्स को समझाया कि वाहन चलाने से पहले वैध ड्राइविंग लाइसेंस बनाना आवश्यक है और बिना प्रशिक्षण एवं बिना लाइसेंस वाहन चलाना स्वयं एवं दूसरों के जीवन को खतरे में डालना है।
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कार्यक्रम में बढ़ते साइबर अपराधों के संबंध में भी कैडेट्स को विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी लिंक, फेक प्रोफाइल, ऑनलाइन फ्रॉड, ओटीपी शेयरिंग, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग कॉल, फर्जी लॉटरी, बैंकिंग फ्रॉड और साइबर बुलिंग जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी मासूम बच्चों और युवाओं को लालच, डर या झूठी पहचान के माध्यम से अपने जाल में फंसाते हैं। कैडेट्स को समझाया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, बैंक डिटेल, पासवर्ड या निजी जानकारी किसी से साझा न करें, सोशल मीडिया पर अजनबियों से दूरी रखें, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल अभिभावकों या पुलिस को दें। ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया की लत से होने वाले मानसिक एवं आर्थिक नुकसान के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में डीएसपी ट्रैफिक ने बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों एवं पॉक्सो एक्ट की संवेदनशीलता पर भी विशेष चर्चा की गई। अधिकारियों ने कैडेट्स को बताया कि पॉक्सो एक्ट बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया सख्त कानून है। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की गलत हरकत, अश्लील बातचीत, अनुचित स्पर्श, ऑनलाइन उत्पीड़न, धमकी या शोषण गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। कैडेट्स को “गुड टच और बैड टच” की जानकारी देते हुए कहा गया कि किसी भी असहज स्थिति में तुरंत माता-पिता, शिक्षक या पुलिस को जानकारी दें और अपराध छिपाने के बजाय खुलकर शिकायत करें। अधिकारियों ने यह भी बताया कि सोशल मीडिया और इंटरनेट का गलत उपयोग बच्चों को अपराधियों के संपर्क में ला सकता है, इसलिए डिजिटल सतर्कता अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान डीएसपी ट्रैफिक ने कहा कि नशा अधिकांश अपराधों और दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनता जा रहा है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में कैडेट्स को यातायात नियमों का पालन करने एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की शपथ दिलाई गई। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स में काफी उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में 28th BN के कर्नल प्रवीण तेवतिया सहित 28th BN के अधिकारी-कर्मचारी, थाना यातायात एवं थाना साइबर का स्टाफ उपस्थित रहा।

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