मध्य-पूर्व में हाल में रुकी जंग के दौरान, ईरानी मिसाइलों से इजरायल की रक्षा करने के लिए अमेरिका ने अपने लगभग आधे एडवांस एंटी-मिसाइल डिफेंस सिस्टम THAAD का इस्तेमाल कर लिया। ये बड़ा खुलासा ‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ में हुआ है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका ने इजरायल को बचाने के खातिर 200 से ज्यादा THAAD इंटरसेप्टर दागे, जो पेंटागन के कुल स्टॉक का करीब-करीब आधा हिस्सा है।
इजरायल ने दागे अमेरिका के मुकाबले आधे इंटरसेप्टर
रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया कि Eastern Mediterranean Sea में तैनात नेवी के जहाजों से भी 100 से अधिक स्टैंडर्ड मिसाइल-3 और स्टैंडर्ड मिसाइल-6 इंटरसेप्टर दागे गए। हालांकि, इसकी तुलना में इजरायल ने 100 से कम ‘Arrow’ इंटरसेप्टर और लगभग 90 David's Sling इंटरसेप्टर का प्रयोग किया। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से कुछ का इस्तेमाल लेबनान और यमन में ईरान समर्थित आतंकी गुटों की तरफ से दागे गए अपेक्षाकृत कम एडवांस प्रोजेक्टाइल को रोकने में किया गया।
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बचे हुए भंडार को लेकर भी अमेरिका के सामने चुनौती
अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका ने कुल मिलाकर करीब 120 ज्यादा इंटरसेप्टर दागे और ईरानी मिसाइलों को रोकने के लिए दोगुना ज्यादा एक्शन किया। इस रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की वॉर्निंग के बाद आने वाले दिनों में अमेरिका और इजरायल एक बार फिर ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन शुरू करते हैं, तो अमेरिकी फौज को और ज्यादा इंटरसेप्टर दागने पड़ सकते हैं।
ईरान के खिलाफ इजरायल-US ने मिलकर किया था एक्शन
गौरतलब है कि 28 फरवरी, 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ मिलिट्री एक्शन शुरू किया था। इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई सहित कई टॉप नेताओं को मार दिया गया था। ईरान ने इस जंग के दौरान वेस्ट एशिया में अमेरिका के सहयोगियों पर भी अटैक किया। हालांकि, 8 अप्रैल से लागू सीजफायर के बाद फिलहाल के लिए संघर्ष रुका है। इसी के बाद से ईरान और अमेरिका में शांति समझौते के लिए बातचीत चल रही है, ताकि 4 दशकों से ज्यादा वक्त से चली आ रही दुश्मनी को खत्म किया जा सके।

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