रोहित शर्मा का बड़ा सपना! टीम इंडिया नहीं, पूरे वर्ल्ड क्रिकेट का पावरहाउस बनाना चाहते हैं भारत को

रोहित शर्मा का बड़ा सपना! टीम इंडिया नहीं, पूरे वर्ल्ड क्रिकेट का पावरहाउस बनाना चाहते हैं भारत को

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने ऐसा बयान दिया है, जिसने करोड़ों क्रिकेट फैंस का दिल जीत लिया। रोहित ने सिर्फ टीम इंडिया की मौजूदा सफलता की तारीफ नहीं की, बल्कि आने वाले समय के लिए भी बड़ा सपना सामने रखा। खास बात यह रही कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट के भविष्य, युवा खिलाड़ियों की सोच और खेल के बदलते अंदाज को लेकर भी खुलकर अपनी राय रखी।

भारत बने क्रिकेट का पावरहाउस

मुंबई इंडियंस के ESA डे इवेंट में बोलते हुए रोहित शर्मा ने कहा कि उनका सपना भारत को वर्ल्ड क्रिकेट की सबसे बड़ी ताकत बनाना है। रोहित का मानना है कि भारतीय क्रिकेट सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और पिछले कुछ सालों में टीम ने हर स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। रोहित ने कहा कि वह चाहते हैं कि भारत वर्ल्ड क्रिकेट का पावरहाउस बने। वह चाहते हैं कि भारत सबसे बेहतरीन टीम बने। पिछले तीन सालों में हमने जो हासिल किया है, वह शानदार रहा है। 2024 वर्ल्ड कप, महिला वर्ल्ड कप, अंडर-19 वर्ल्ड कप, ICC चैंपियंस ट्रॉफी और एक और T20 वर्ल्ड कप जीतना बेहद खास रहा। उन्हें उम्मीद है कि हम अपनी जीत का यह सिलसिला आगे भी जारी रखेंगे।

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रोहित शर्मा ने क्रिकेट के बदलते स्वरूप पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने करियर की शुरुआत की थी, तब 130-140 रन का स्कोर काफी माना जाता था, लेकिन अब T20 क्रिकेट पूरी तरह बदल चुका है। उन्होंने कहा कि जब हमने शुरुआत की थी, तब 130-140 का स्कोर अच्छा माना जाता था, लेकिन आज के समय में यह मुश्किल है। अब, कोई भी स्कोर कितना भी क्यों न हो, वह बहुत भरोसेमंद नहीं लगता। यही वह कहानी है जो आपको बताती है कि इन सालों में यह खेल किस तरह बदला है।

खेल का आनंद लेना सबसे जरूरी

रोहित ने युवा खिलाड़ियों और बच्चों पर कम उम्र में दबाव डालने के खिलाफ भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि बच्चों को खेल का आनंद लेने देना चाहिए, ना कि शुरुआत से ही उन पर उम्मीदों का बोझ डालना चाहिए। भारतीय कप्तान ने कहा कि 6 साल से लेकर 18 साल तक के बच्चों पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए। उन्हें अपने दोस्तों के साथ खेल का मजा लेने देना चाहिए। उनके साथ भी शुरुआत में ऐसा ही था। खेल का आनंद लेना सबसे जरूरी है। किसी को भी जबरदस्ती कुछ करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। रोहित शर्मा का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय क्रिकेट लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और युवा खिलाड़ियों की नई पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से अपनी पहचान बना रही है।







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