मलमास को अधिक मास और पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस माह का कोई देवता नहीं तो इसलिए विष्णु भगवान इस माह के देवता बने और साथ ही मलमास को वरदान दिया की मलमास के दौरान जो भी लोग धार्मिक और आध्यात्मिक कार्य करेंगे उनपर मेरा आशीर्वाद बरसेगा। इसलिए मलमास के दौरान मंत्रों का जप करना भी बेहद शुभ माना जाता है। आज मलमास में किए जाने वाले ऐसे ही शुभ मंत्रों के बारे में हम आपको जानकारी देंगे।
मलमास में इन मंत्रों का जप करना शुभ
1. गोवर्धनधरं वन्दे गोपालं गोपीवल्लभम्। विष्णुं जिष्णुं महाबाहुं कृष्णं च मधुसूदनम्।।
मलमास में इस मंत्र का निरंतर जप करने से आपके समस्त पापों का नाश होता है। यह मंत्र आपको रोग-दोष से भी मुक्त करता है और धन-धान्य की भी आपको प्राप्त होती है।
2. मङ्गलं भगवान् विष्णुः मङ्गलं गरुड़ध्वजः। मङ्गलं पुण्डरीकाक्षः मङ्गलाय तनो हरिः।।
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यह भगवान विष्णु का अत्यंत प्रचलित मंत्र है। इस मंत्र का मलमास में जप करने से जीवन में सुखद फलों की प्राप्ति व्यक्ति को होती है। इस मंत्र का जप करने से बुद्धि-विवेक बढ़ता है और जीवन में प्रगति के मार्ग पर आप अग्रसर होते हैं।
3. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
भगवान विष्णु के इस सर मंत्र का जप करके भी आप मलमास में लाभ पा सकते हैं। इस मंत्र का जप करने से आपको पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं। रोग-दोष इस मंत्र का जप करने से दूर होता है और साथ ही आपकी मनोकामनाओं को भी भगवान विष्णु पूरा करते हैं।
4. ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात।।
यह विष्णु गायत्री मंत्र है। इस मंत्र का जप भी आपके लिए बेहद शुभफलदायक रह सकता है। यह मंत्र आपकी ऊर्जा को बढ़ाता है और बुद्धि-तेज की आपको प्राप्ति होती है। इस मंत्र का जप करने से आपके समस्त दुख दूर हो सकते हैं।
5. कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानी सहितं नमामि।।
भगवान विष्णु के मंत्रों के साथ ही शिव जी के ऊपर दिए गए मंत्र का जप करना भी मलमास में शुभ माना जाता है। इस मंत्र का जप करने से शिव कृपा आपको प्राप्त होती है और दुख-दरिद्रता से आपको मुक्ति मिलती है।

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