समर वेकेशन कोर्ट से राहत! नवा रायपुर में मकान तोड़ने की नोटिस पर लगी अंतरिम रोक

समर वेकेशन कोर्ट से राहत! नवा रायपुर में मकान तोड़ने की नोटिस पर लगी अंतरिम रोक

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में समर वेकेशन चल रहा है। इस दौरान प्रदेशवासियों को राहत देने के लिए वेकेशन कोर्ट में सुनवाई की जा रही है। जस्टिस एनके व्यास के सिंगल बेंच ने पांच याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए नवा रायपुर नगर विकास प्राधिकरण द्वारा मकान ढहाने जारी की गई नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी है। याचिकाकर्ताओं को 29 मई की शाम तक प्राधिकरण के समक्ष दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया है।

वेकेशन कोर्ट ने नवा रायपुर नगर विकास प्राधिकरण के अफसर को निर्देशित किया है, याचिकाकर्ताओं द्वारा पेश किए जाने वाले दस्तावेजों का सात दिनों के भीतर परीक्षण करें। उसके बाद कानून सम्मत कार्रवाई करे। तब तक मकान ढहाने की कार्रवाई व प्राधिकरण के नोटिस पर कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है।

पढ़िए क्या है मामला?

बृज लाल, राम आसरा ,कचरी बाई,भक्त विदुर व दिलीप निवासी ग्राम पलौद, तहसील- मंदिर हसौद, जिला रायपुर ने अपने अधिवक्ता के जरिए छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर नवा रायपुर नगर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस को रद्द करने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं ने प्राधिकरण द्वारा मकानों को गिराने के संबंध में 22 मई 2026 के विवादित नोटिस और 12 मई 2026 के आदेश के प्रभाव और संचालन पर रोक लगाने के लिए अंतरिम राहत की मांग की है।

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सभी याचिकाओं की एकसाथ हुई सुनवाई

कोर्ट ने कहा, याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता द्वारा अंतरिम राहत,स्थगन प्रदान करने के लिए दिए गए आवेदन पर सुनवाई की गई। चूंकि इन सभी रिट याचिकाओं में समान मुद्दे और तथ्य एवं विधि के सामान्य प्रश्न शामिल हैं, इसलिए इन पर एक साथ सुनवाई की गई है और इस सामान्य आदेश द्वारा इनका निर्णय किया जा रहा है।

याचिकाकर्ताओं ने कहा: दस्तावेजों को प्राधिकरण ने कर दिया है खारिज

रिट याचिका की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास के सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने कहा है, रिकॉर्ड से यह पता चलता है, नवा रायपुर नगर विकास प्राधिकरण ने याचिकाकर्ताओं के आवेदन को अस्वीकार कर दिया था।

रिकॉर्ड से यह भी पता चलता है, नगर विकास प्राधिकरण ने याचिकाकर्ताओं द्वारा 12 मई 2026 को प्रस्तुत अभ्यावेदनों को अस्वीकार कर दिया था, और वर्तमान रिट याचिकाएं 22 मई 2026 की प्राधिकरा द्वारा नोटिस जारी होने के बाद ही दायर की गई है।

याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया, याचिकाकर्ताओं ने अपनी पहचान से संबंधित सभी दस्तावेजों की प्रतियां प्रस्तुत की हैं, फिर भी उनके दावे को खारिज कर दिया गया है।

VC के जरिए प्राधिकरण के अधिवक्ता ने रखी बात

नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया, उन्हें याचिका की प्रति उपलब्ध कराए बिना ही ये याचिकाएं दायर की गई हैं, और निर्देशों के अनुसार वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए हैं। प्राधिकरण के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया, याचिकाकर्ताओं को अवसर दिए जाने के बावजूद, वे अपनी पहचान साबित करने के लिए कोई भी प्रासंगिक दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहे।

याचिकाकर्ताओं को कोर्ट ने दिया एक और अवसर, मिला दो दिन का समय

याचिका की सुनवाई जस्टिस एनके व्यास के कोर्ट में हुई। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है, याचिकाकर्ताओं को नवा रायपुर परियोजना के लिए पुनर्वास योजना के लाभों का दावा करने हेतु, यदि उनके पास दस्तावेज हैं, तो उन्हें प्रस्तुत करने के लिए दो दिनों का एक और अवसर दिया जाता है।

29 मई शाम तक याचिकाकर्ताओं को पेश करने होंगे दस्तावेज

कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी 20 दिसंबर 2017 के आदेश के अनुसार शुक्रवार यानी 29. मई 2026 की शाम तक अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को 29 मई 2026 से सात दिनों के भीतर कानून के अनुसार विचार और निर्णय लेने का निर्देश दिया है। इसके बाद वे 22 मई 2026 की सूचना के अनुसार आगे की कार्यवाही करेंगे। तदनुसार, अंतरिम राहत, स्थगन की मांग करने वाली अंतरिम याचिकाओं का निपटारा कर दिया गया है। फलस्वरूप, उपरोक्त टिप्पणियों और निर्देशों के साथ, रिट याचिकाओं का भी निपटारा कर दिया गया है।







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