परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद /छुरा : छुरा ब्लॉक अंतर्गत टेंगनाबासा के आगे खेतों में रखी पराली में गुरुवार सुबह अचानक आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि आसपास के किसानों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि समय रहते पहुंची फायर ब्रिगेड और 112 की टीम की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब 9 बजे की बताई जा रही है। खेतों में रखी सूखी पराली में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप लेना शुरू कर दिया और तेज गर्मी व सूखी हवाओं के कारण लपटें तेजी से फैलने लगीं। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं को दी।सूचना मिलते ही 112 की टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने बिना समय गंवाए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। राहत की बात यह रही कि आग आसपास के खेतों और फसलों तक नहीं पहुंच सकी, जिससे किसानों को बड़ी आर्थिक क्षति से बचा लिया गया।
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प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि थोड़ी भी देर होती तो आग आसपास के खेतों में फैल सकती थी और बड़ा हादसा हो सकता था। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। संभावना जताई जा रही है कि तेज गर्मी और सूखी पराली के कारण मामूली चिंगारी ने आग का रूप ले लिया होगा।घटना के बाद किसानों में चिंता का माहौल देखा गया। ग्रामीणों ने फायर ब्रिगेड और 112 टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में खेतों में रखी सूखी पराली और घास आग के लिए बेहद संवेदनशील हो जाती है, ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।इधर जिला प्रशासन ने किसानों से खेतों में पराली नहीं जलाने और सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है तथा आग फैलने की घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। किसानों को वैकल्पिक एवं सुरक्षित तरीकों से कृषि अवशेषों के निस्तारण की सलाह दी गई है।

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