परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद /छुरा : नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का मुकद्दस त्योहार को पूरे धार्मिक उत्साह, अकीदत और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही मुस्लिम समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। नए परिधानों में सजे बच्चे, युवा और बुजुर्ग ईदगाह एवं मस्जिदों की ओर जाते नजर आए, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज-ए-ईद अदा की।
नमाज के दौरान मुल्क में अमन, चैन, खुशहाली, तरक्की और आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी और भाईचारे का संदेश दिया। इसके पश्चात इस्लामी परंपरा एवं सुन्नत के अनुसार कुर्बानी की रस्म अदा की गई। साथ ही जरूरतमंदों, गरीबों और बेसहारा लोगों के बीच खाने-पीने की वस्तुओं का वितरण किया गया।
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ईद-उल-अजहा के अवसर पर नगर में जगह-जगह मोहब्बत, इंसानियत और आपसी भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। विभिन्न समाजों एवं समुदायों के लोगों ने मुस्लिम समाज के लोगों को ईद की बधाई देकर सामाजिक सौहार्द को और मजबूत किया। बच्चों और युवाओं में त्योहार को लेकर विशेष उत्साह और रौनक देखने को मिली। बाजारों एवं मोहल्लों में दिनभर चहल-पहल बनी रही।
त्योहार को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन एवं पुलिस विभाग भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था तथा अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही थी।
मुस्लिम समाज के वरिष्ठ सदस्य सलीम मेमन ने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, कुर्बानी, इंसानियत और आपसी भाईचारे का संदेश देने वाला पवित्र पर्व है। उन्होंने सभी लोगों से समाज में प्रेम, सौहार्द और आपसी इत्तेहाद बनाए रखने की अपील की।

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