हिंदू धर्म में अधिक मास की पूर्णिमा का बहुत अधिक आध्यात्मिक महत्व माना गया है, जो इस बार रविवार 31 मई को मनाई जाएगी। इस पावन तिथि पर भगवान विष्णु की आराधना करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
पूर्णिमा तिथि पर भगवान सत्यनारायण की पूजा और कथा करने का भी विशेष महत्व है। चलिए जानते हैं कि आप कैसे बिना पंडित के सरल विधि से घर पर ही भगवान सत्यनारायण की पूजा कर सकते हैं।
आवश्यक पूजन सामग्री
पूजा शुरू करने से पहले सभी आवश्यक सामग्रियां एकत्रित कर लें, ताकि पूजा के बीच में बाधा न आए -
पूजा की सरल विधि
बिना पंडित के भी आप पूरी शुद्धता और श्रद्धा के साथ इन चरणों का पालन करके पूजा संपन्न कर सकते हैं -
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ध्यान रखने योग्य बातें
भगवान विष्णु को कोई भी भोग बिना तुलसी के अधूरा माना जाता है। इसलिए भगवान सत्यनारायण के भोग में तुलसी का पत्ता शामिल करना न भूलें। पूजा के दौरान और पूरे दिन घर का वातावरण पूरी तरह सात्विक रखें। घर के सभी सदस्य मिलकर एक साथ कथा सुनेंगे तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ेगा।
पूजा और आरती संपन्न होने के बाद सबसे पहले स्वयं चरणामृत लें और फिर परिवार के सभी सदस्यों व आस-पड़ोस में पंचामृत और पंजीरी का प्रसाद पूरी श्रद्धा के साथ बांटें।

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