क्या बार-बार होने वाला सिरदर्द हाई BP का संकेत है? जानिए किन लक्षणों को नहीं करना चाहिए नजरअंदाज

क्या बार-बार होने वाला सिरदर्द हाई BP का संकेत है? जानिए किन लक्षणों को नहीं करना चाहिए नजरअंदाज

आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ रही है. कई बार लोग सिरदर्द को सामान्य थकान, तनाव या नींद की कमी का परिणाम मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि कुछ मामलों में बार-बार होने वाला सिरदर्द किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है. हाई बीपी को अक्सर साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण हमेशा स्पष्ट नहीं होते. कई लोगों को लंबे समय तक यह पता ही नहीं चलता कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है.

खराब खानपान, तनाव, शारीरिक एक्टिविटी की कमी, मोटापा और गलत लाइफस्टाइल आज हाई बीपी के प्रमुख कारणों में गिने जाते हैं. अगर समय रहते इसकी पहचान न हो, तो यह हार्ट, किडनी, आंखों और दिमाग की सेहत पर असर डाल सकता है. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या लगातार होने वाला सिरदर्द बढ़े हुए ब्लड प्रेशर से जुड़ा हो सकता है. आइए जानते हैं कि सिरदर्द और हाई बीपी के बीच क्या संबंध माना जाता है और किन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

क्या बार-बार सिरदर्द हाई बीपी का संकेत हो सकता है?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, हर सिरदर्द हाई बीपी की वजह से नहीं होता. सिरदर्द के पीछे तनाव, माइग्रेन, नींद की कमी, डिहाइड्रेशन और अन्य कई कारण हो सकते हैं. हालांकि कुछ मामलों में बहुत अधिक बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर सिरदर्द से जुड़ा हो सकता है. अगर किसी व्यक्ति को बार-बार सिरदर्द हो रहा हो और साथ में ब्लड प्रेशर भी लगातार बढ़ा हुआ मिले, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए. केवल सिरदर्द के आधार पर हाई बीपी का अनुमान नहीं लगाया जा सकता. सही स्थिति जानने के लिए ब्लड प्रेशर की जांच जरूरी होती है. इसलिए बार-बार सिरदर्द होने पर स्वयं नतीजा निकालने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर माना जाता है.

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किन लक्षणों में तुरंत बीपी की जांच करानी चाहिए?

अगर बार-बार सिरदर्द के साथ चक्कर आना, धुंधला दिखाई देना, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक थकान महसूस हो, तो बीपी की जांच करानी चाहिए.

इसके अलावा जिन लोगों के परिवार में हाई बीपी की हिस्ट्री है या जिन्हें डायबिटीज, मोटापा या हार्ट डिजीज की समस्या है, उन्हें नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहना चाहिए. समय पर पहचान से जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है.

हाई बीपी को कंट्रोल रखने के लिए क्या करें?

हाई बीपी को कंट्रोल रखने के लिए संतुलित डाइट लें और नमक का सेवन सीमित करें. नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव को कम करने की कोशिश करें.

धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें तथा समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराएं. अगर डॉक्टर ने दवा दी है, तो उसे नियमित रूप से लेना भी जरूरी है.







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