जोगीडीपा से 42 परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास, निगम प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ कराया शिफ्टिंग कार्य

जोगीडीपा से 42 परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास, निगम प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ कराया शिफ्टिंग कार्य

रायगढ़ : शहर के विकास कार्यों को गति देने और प्रस्तावित केनाल लिंक रोड निर्माण कार्य के लिए जोगीडीपा से 42 परिवारों को नगर निगम प्रशासन द्वारा व्यवस्थित और मानवीय दृष्टिकोण के साथ सूर्या विहार प्रधानमंत्री आवास योजना के मल्टी स्टोरी भवनों में शिफ्ट कराया गया। इस पूरी प्रक्रिया में प्रभावित परिवारों को केवल स्थानांतरित नहीं किया गया, बल्कि उनकी सुविधाओं, सुरक्षा और पुनर्वास की पूरी जिम्मेदारी भी निगम प्रशासन द्वारा निभाई गई।नगर निगम प्रशासन द्वारा सुबह से ही 8 ट्रैक्टर एवं एक लीलैंड मिनी ट्रक की सहायता से परिवारों के घरेलू सामानों को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया गया। शिफ्टिंग के दौरान निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम लगातार मौके पर मौजूद रही और सामानों की पैकिंग, लोडिंग, अनलोडिंग तथा व्यवस्थित तरीके से रखने तक में सहयोग करती रही।

सूर्या विहार प्रधानमंत्री आवास योजना परिसर पहुंचने पर आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय ने फीता काटकर नए आवासों का शुभारंभ कराया तथा प्रतीकात्मक रूप से चाबी प्रदान कर परिवारों को नए घरों में प्रवेश कराया। इस दौरान कई परिवारों ने नए आवास मिलने पर संतोष और खुशी व्यक्त की।पुनर्वास प्रक्रिया के दौरान निगम प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए भोजन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की। सभी परिवारों को सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन एवं रात का भोजन उपलब्ध कराया गया, ताकि स्थानांतरण के दौरान उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।सूर्या विहार परिसर में व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगाई गई है। निगम की टीम लगातार मौके पर रहकर परिवारों को सामान जमाने, आवश्यक जानकारी देने तथा अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर रही है।

आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल पुनर्वास करना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को सम्मानपूर्वक और बेहतर सुविधाओं के साथ नई शुरुआत देना है। प्रत्येक परिवार को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण मिले, इसके लिए निगम की पूरी टीम संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। किसी भी परिवार को परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों के मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए गए हैं और हर संभव सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जा रही है।यह पूरी पहल केवल स्थानांतरण नहीं, बल्कि विकास कार्य, मानवीय संवेदनाओं और योजनाबद्ध पुनर्वास का उदाहरण बनकर सामने आई है, जहां प्रभावित परिवारों को नए घर के साथ भरोसा, सहयोग और सुरक्षा का एहसास भी मिला।

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कच्चे घरों से पक्के आशियाने तक, प्रभावित परिवारों में खुशी
जोगीडीपा क्षेत्र में अधिकांश परिवार कच्चे मकानों एवं झुग्गी-झोपड़ी जैसी परिस्थितियों में रहकर जीवनयापन कर रहे थे। नए पक्के एवं व्यवस्थित घर मिलने से प्रभावित परिवारों में खुशी का माहौल है। हितग्राहियों ने बताया कि अब उन्हें सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी, जिससे उनके परिवार के जीवनस्तर में सुधार आएगा। नए घर मिलने से बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा और दैनिक जीवन की सुविधाएं भी बेहतर होंगी। प्रभावित परिवारों ने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे उनके जीवन में बड़ा बदलाव बताया।

राशन कार्ड नंबर के आधार पर 3 माह का राशन उपलब्ध कराया गया
कमिश्नर क्षत्रिय के निर्देश पर शिफ्ट हुए परिवारों को प्रारंभिक समय में खाद्य सामग्री संबंधी किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और वे आसानी से नई व्यवस्था में स्वयं को स्थापित कर सकें इसके उद्देश्य से राशन की भी व्यवस्था की गई है। पुनर्वासित परिवारों की मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निगम प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों के राशन कार्ड नंबर के आधार पर तीन माह का राशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल प्रवेश प्रक्रिया शुरू
प्रभावित परिवारों के बच्चों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए निगम प्रशासन द्वारा पास के स्कूलों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। अधिकारियों को आवश्यक समन्वय के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों को जल्द से जल्द नजदीकी स्कूलों में प्रवेश मिल सके और उनकी पढ़ाई निरंतर जारी रह सके।

24 घंटे सहायता के लिए अधिकारियों की ड्यूटी और संपर्क व्यवस्था
पुनर्वासित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सूर्याविहार परिसर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की शिफ्टवार ड्यूटी लगाई गई है। साथ ही, प्रभावित परिवारों को अधिकारियों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे सीधे संपर्क कर सकें और समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।







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