परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद / छुरा : सामाजिक सेवा और मानवीय सहयोग के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हेल्पिंग हैंड चैरिटी ग्रुप छुरा की वार्षिक बैठक 11 जून 2026 को आयोजित की गई। बैठक में संस्था के सदस्यों ने पिछले छह वर्षों के सेवा कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की तथा कई महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए।बैठक में कार्यकारिणी टीम ने जानकारी दी कि हेल्पिंग हैंड चैरिटी ग्रुप ने अपनी स्थापना से लेकर अब तक आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद 160 लोगों को कुल 19 लाख 87 हजार 830 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। विशेष बात यह रही कि यह समूचा सहयोग बिना किसी शासकीय अनुदान के केवल ग्रुप सदस्यों और समाज के सहयोग से संभव हो पाया है। संस्था के इस सेवा कार्य की सदस्यों ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।बैठक में जरूरतमंद परिवारों तक सहायता अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से सहायता नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया। निर्णय लिया गया कि अब एक वित्तीय वर्ष में किसी एक परिवार को केवल एक बार ही आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक सहयोग पहुंचाया जा सके।
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इस अवसर पर संस्था के विस्तार और कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं कानूनी स्वरूप देने के लिए हेल्पिंग हैंड चैरिटी ग्रुप को एक पंजीकृत संस्था के रूप में पंजीकृत कराने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। सदस्यों का मानना है कि पंजीकरण के बाद संस्था अपने सेवा कार्यों को और अधिक व्यापक स्तर पर संचालित कर सकेगी।बैठक के दौरान ग्रुप सदस्य हेमंत विश्वकर्मा ने अपने दिवंगत पिता स्वर्गीय कृपाराम विश्वकर्मा की स्मृति में संस्था को एक व्हीलचेयर भेंट की।
इस मानवीय पहल की सभी सदस्यों ने सराहना की। संस्था ने निर्णय लिया कि यह व्हीलचेयर स्थानीय जरूरतमंदों को आवश्यकता अनुसार अधिकतम दो माह की अवधि तक नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे असहाय एवं दिव्यांग व्यक्तियों को राहत मिल सके।बैठक के अंत में संस्था के सभी सदस्यों ने जनसेवा, मानवता और सामाजिक सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने समाज के सहयोग से जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के कार्य को और अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने का संकल्प लिया।वार्षिक बैठक में ग्रुप के कोषाध्यक्ष लक्की मेमन, सचिव गोपाल सोनी सहित हेल्पिंग हैंड चैरिटी ग्रुप के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।सामाजिक सेवा के क्षेत्र में हेल्पिंग हैंड चैरिटी ग्रुप का छह वर्षों का सफर यह साबित करता है कि सामूहिक प्रयास, संवेदनशीलता और समाजहित की भावना से बिना किसी सरकारी सहयोग के भी जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

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