एमसीबी: एमसीबी जिले की नवपदस्थ कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन में आम नागरिकों की छोटी-बड़ी समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता के साथ सुना। कलेक्ट्रेट पहुंचे जिले के दूर-दराज के ग्रामीणों और शहरवासियों ने सीधे कलेक्टर के समक्ष अपनी शिकायतें और मांगें रखीं। मामलों की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर मौजूद सभी संबंधित अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त हर आवेदन को प्राथमिकता में रखकर समय-सीमा के भीतर उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।
जनदर्शन में गूंजे जमीन, पेंशन और विकास कार्यों से जुड़े मामले
आज के जनदर्शन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी बुनियादी समस्याओं से जुड़ी अर्जियां लगाईं, जिनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित मामले शामिल रहेनिर्माण कार्य और विकास योजनाएं: भरतपुर के सरपंच ने निर्माण कार्य के लंबित भुगतान और धोवाताल के सरपंच ने स्टाप डेम निरस्त होने के संबंध में आवेदन सौंपा।भूमि विवाद और वन अधिकार पत्र: पैनारी के अशोक कुमार, रोझी के जगदीश प्रसाद कुजूर, मनेंद्रगढ़ के जगदीश प्रसाद केवट, बहरासी के बृजभान सिंह व लाल बहादुर, माड़ीसरई के अमर सिंह, बड़वाही के गोपी बैगा, घटई की सुमित्रा और उदकी के राम लखन ने भूमि संबंधी विवादों को लेकर गुहार लगाई। वहीं, जनकपुर की लक्ष्मी ने पट्टे की भूमि से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की।
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वन अधिकार व किसानों की मांग: रोशनी कंजिया, बहरासी के सोबरन, घटई की धनेसुआ बाई और उर्मिला ने वन अधिकार पत्र दिलाने की मांग की। इसके अलावा बाला के सरपंच ने वन भूमि पट्टा धारक किसानों को समय पर खाद-बीज न मिलने की समस्या से अवगत कराया।
लंबित भुगतान और पेंशन: समस्त आवास मित्रों ने अपनी रुकी हुई प्रोत्साहन राशि प्रदान करने तथा खोंगापानी निवासी राम प्रसाद ने वृद्धावस्था पेंशन न मिलने की शिकायत दर्ज कराई।रोजगार और औद्योगिक क्षेत्र: मनेंद्रगढ़ निवासी आशीष राय ने परसगढ़ी इंडस्ट्रियल एरिया में कार्य करने की अनुमति प्रदान करने के संबंध में आवेदन दिया। वहीं शंकरगढ़ निवासी रामसजन ने पूर्व में दिए गए आवेदन पर अब तक कोई कार्रवाई न होने की बात कही।
संवेदनशीलता से सुनी समस्या, दिए त्वरित कार्रवाई के आदेश
कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने जनदर्शन में आए एक-एक आवेदक की बातों को पूरी गंभीरता से सुना। उन्होंने कुछ मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को फोन कर स्टेटस रिपोर्ट मांगी, तो वहीं पूर्व के आवेदनों पर कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित विभागों को तत्काल उचित कार्रवाई करने की हिदायत दी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर लेत-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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