कोरिया, 22 जून 2026 : शाला प्रवेश उत्सव के अवसर पर कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने जिले के सभी पालकों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों से अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ने तथा उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की अपील की है।
कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार होने के साथ-साथ उसके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी है। नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों का समय पर विद्यालय में प्रवेश कराने और नियमित रूप से स्कूल भेजने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का आधार है। आज के बच्चे ही कल के जागरूक नागरिक, जिम्मेदार युवा और समाज के नेतृत्वकर्ता बनेंगे। ऐसे में प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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कलेक्टर यादव ने जनप्रतिनिधियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और अभिभावकों से अपने आसपास ऐसे बच्चों की पहचान करने का आग्रह किया जो किसी कारणवश विद्यालय नहीं जा रहे हैं या पढ़ाई छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने शिक्षकों से विद्यालयों में सकारात्मक, सुरक्षित और प्रेरणादायी वातावरण निर्मित करने का आह्वान किया, ताकि बच्चे उत्साह के साथ विद्यालय आएं और सीखने के प्रति उनकी रुचि बढ़े। साथ ही विद्यालय से बाहर या ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः स्कूल से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की शिक्षा केवल विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार और समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा से बढ़कर बच्चों को बेहतर भविष्य देने का कोई दूसरा माध्यम नहीं है।
उन्होंने जिलेवासियों से आह्वान किया कि वे संकल्प लें कि कोरिया जिले का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। प्रत्येक बच्चा विद्यालय जाए, अपने सपनों को साकार करे और एक शिक्षित, जागरूक एवं समृद्ध समाज के निर्माण में सहभागी बने।

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