भारत दौरे की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप? मार्को रुबियो ने किया बड़ा खुलासा

भारत दौरे की तैयारी में डोनाल्ड ट्रंप? मार्को रुबियो ने किया बड़ा खुलासा

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अगले साल की शुरुआत में भारत आने की संभावना है। उन्होंने ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मज़बूत रिश्ते पर ज़ोर दिया और भारत-अमेरिका संबंधों को "शानदार" बताया। वॉशिंगटन डीसी में समाचार एजेंसी IANS से ​​बात करते हुए रुबियो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति की यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए वे इस साल के अंत से पहले भारत की यात्रा करेंगे। रुबियो ने कहा, पीएम मोदी के साथ ट्रंप के संबंध बहुत अच्छे हैं।

रुबियो ने और क्या क्या बताया
रूबियो ने कहा, "हम इस दिशा में काम कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि अगले साल की शुरुआत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत आएंगे। मुझे लगता है कि यह बहुत अच्छी बात है। भारत, अमेरिका का बहुत करीबी पार्टनर और सहयोगी है, और प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच संबंध इससे बेहतर नहीं हो सकते; मुझे लगता है कि दोनों देशों के बीच की कूटनीति में यह बहुत अहम है।"

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दूसरे कार्यकाल में ट्रंप की पहली भारत यात्रा
रुबियो की जानकारी के मुताबिक अगर ट्रंप का यह भारत दौरा होता है, तो यह फरवरी 2020 के बाद और ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के लिए व्हाइट हाउस लौटने के बाद ट्रंप की भारत की पहली यात्रा होगी। बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की पिछली मुलाकात फ्रांस के एवियन में G7 समिट के दौरान हुई थी, जो 16 महीनों में उनकी पहली द्विपक्षीय बैठक थी। 

भारत अमेरिका के संबंध पर क्या होगा असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह प्रस्तावित भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत चल रही है, जिसके बारे में रुबियो ने कहा कि यह पूरा होने के करीब है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि सब कुछ बहुत बढ़िया चल रहा है। यह बहुत मज़बूत है। G7 में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के बीच बहुत अच्छी बैठक हुई थी। हम एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की उम्मीद कर रहे हैं। हम इसे पूरा करने के बिल्कुल करीब हैं और यह बहुत सकारात्मक है।"

ऊर्जा सहयोग पर, रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका आपूर्ति बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और उन्होंने बताया कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिनके पास भारी कच्चे तेल (heavy crude) को रिफ़ाइन करने की क्षमता है।







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