महासमुंद : शनिवार को महासमुंद ब्लॉक के ग्राम पंचायत अछोली और बेलटुकरी सीमा पर पीकाडली शराब निर्माण कंपनी के मुख्य गेट के सामने सैकडो की संख्या में मजदूर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कंपनी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आंदोलन पर बैठ गए। आन्दोलनरत स्थानीय मजदूरों का आरोप है कि कंपनी में स्थानीय मजदूरो के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उनका आरोप है कि छत्तीसगढ़ के स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जाती। वहीं, काम पर रखने के बाद भी उन्हें कम महत्व के और जोखिम भरे कार्य सौंपे जाते हैं। मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि उनका वेतन समय पर नहीं दिया जाता, नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है तथा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।
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मजदूरों ने मांग की है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दी जाए, श्रम कानूनों का पूरी तरह पालन किया जाए तथा उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए। आंदोनरत कर्मियो ने कंपनी प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगे। देर शाम खबर लिखे जाने तक मजदूर कंपनी के मुख्य गेट के सामने आंदोलन पर डटे हुए हैं। इधर, कम्पनी प्रबंधक श्री शुक्ला का कहना है कि कंपनी में सभी स्थानीय मजदूरों से ही कार्य लिया जा रहा है। यहां पर कार्य के लिए कुछ मजदूर ठेकेदार हमारे मजदूरों को कार्य दिया जाए यह जिद कर रहे है। 300 सौ मजदूरों का कार्य नहीं है फिर कैसे इतने मजदूरों को कार्य पर रखा जा सकता है।

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