कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाला अरनपुर अब गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का बना राष्ट्रीय मॉडल

कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाला अरनपुर अब गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का बना राष्ट्रीय मॉडल

दंतेवाड़ा : कभी नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाला अरनपुर आज गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी नई पहचान बना रहा हैं।दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के सतत प्रयासों और स्वास्थ्य विभाग की प्रभावी कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र, अरनपुर को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड एनक्यूएएस प्रमाण-पत्र से सम्मानित किया गया हैं।कलेक्ट देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश तथा जिला पंचायत सीईओ एवं जिला नोडल अधिकारी (स्वास्थ्य) जयंत नाहटा के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।इसी का परिणाम है कि जिले के इस दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्र ने राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की हैं।यह प्रमाणन केवल एक सर्टिफिकेट नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि जिला प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के अपने संकल्प को प्रभावी रूप से पूरा कर रहा है।

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कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्र में इस उपलब्धि ने जिले के लिए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया हैं।एनक्यूएएस प्रमाणन के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा विशेषज्ञों की टीम ने स्वास्थ्य केंद्र का विस्तृत मूल्यांकन किया। इस दौरान अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों, दवाइयों, चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, स्टाफ की कार्यकुशलता, मरीजों की संतुष्टि, स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन तथा उपचार व्यवस्था सहित विभिन्न मानकों का गहन निरीक्षण किया गया। सभी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद उप स्वास्थ्य केंद्र अरनपुर को यह प्रतिष्ठित प्रमाणन प्रदान किया गया।

नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड एनक्यूएएस स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्ता सुधार के लिए भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण फ्रेमवर्क हैं। इस प्रमाणन के बाद स्वास्थ्य केंद्र को केंद्र सरकार से वित्तीय प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा।इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, रखरखाव तथा मरीजों को और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को भविष्य में और अधिक सुदृढ़ स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।







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