पहली बारिश ने खोली बिजली व्यवस्था की पोल: छुरा-रसेला,गरियाबंद के सैकड़ों गांव अंधेरे में, पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित

पहली बारिश ने खोली बिजली व्यवस्था की पोल: छुरा-रसेला,गरियाबंद के सैकड़ों गांव अंधेरे में, पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित

परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद /छुरा : मानसून की पहली तेज बारिश ने छुरा, रसेला और गरियाबंद क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था की तैयारियों की पोल खोल दी। शनिवार रात से शुरू हुई लगातार बारिश के बाद क्षेत्र के अनेक गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिससे सैकड़ों गांव रातभर अंधेरे में डूबे रहे। बिजली गुल होने का असर केवल रोशनी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रविवार सुबह कई गांवों में पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो गई, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात से हो रही बारिश के चलते विद्युत लाइनों में आई तकनीकी खराबी के कारण रसेला, छुरा एवं गरियाबंद क्षेत्र के कई गांवों में बिजली आपूर्ति बंद हो गई। विद्युत विभाग का कहना है कि खराबी दूर करने के लिए विभागीय अमला लगातार सुधार कार्य में जुटा हुआ है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कई क्षेत्रों में बिजली बहाल नहीं हो सकी थी।

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बारिश के मौसम से पहले विद्युत विभाग द्वारा व्यापक मेंटेनेंस कार्य किए जाने और विद्युत लाइनों की मरम्मत का दावा किया गया था। इसके बावजूद पहली ही बारिश में बड़े पैमाने पर बिजली व्यवस्था चरमरा जाने से विभाग की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर प्रभावी रखरखाव किया गया होता तो इतनी बड़ी संख्या में गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होती।
बिजली नहीं रहने से पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुईं। कई गांवों में मोटर पंप बंद रहने के कारण सुबह लोगों को पीने का पानी नहीं मिल सका। इसके अलावा मोबाइल चार्जिंग, घरेलू कार्य, छोटे व्यवसाय और अन्य दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित रहीं। लगातार बिजली कटौती से लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी देखने को मिली।ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्युत विभाग बारिश के मौसम को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी और मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित करे तथा खराबी आने पर त्वरित सुधार के लिए अतिरिक्त तकनीकी दलों की तैनाती की जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।







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