रायपुर :मानसून के बीच शहर में जलभराव, सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को लेकर बुलाई गई रायपुर नगर निगम की विशेष सामान्य सभा उस समय चर्चा का विषय बन गई, जब एक ओर शहर की समस्याओं पर गंभीर बहस चल रही थी और दूसरी ओर सभाकक्ष की छत से पानी टपकने लगा। इतना ही नहीं, बैठक के दौरान कुछ अधिकारी मोबाइल फोन पर गेम खेलते भी नजर आए, जिससे उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए।
बता दे कि आज रायपुर नगर निगम मुख्यालय में विशेष सामान्य सभा में शहर में बारिश के कारण पैदा हुई जलभराव की समस्या, नालों की सफाई, सड़क मरम्मत, पेयजल, बिजली और सफाई व्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की गई। महापौर सहित एमआईसी (मेयर-इन-काउंसिल) के सदस्यों ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कई सवाल उठाए। बैठक का उद्देश्य मानसून के दौरान नागरिकों को हो रही परेशानियों का समाधान तलाशना था।
हालांकि, जिस सभाकक्ष में शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने पर चर्चा हो रही थी, वहीं की छत जगह-जगह से टपकती नजर आई। पानी टपकने वाले स्थानों पर गमले और डस्टबिन रखकर किसी तरह स्थिति को संभालने की कोशिश की गई। इस दृश्य की तस्वीरें सामने आने के बाद इसे लेकर जमकर चर्चा हो रही है।
ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
वर्ष 2026-27 के बजट में 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान
बैठक के दौरान एक और तस्वीर सामने आई, जिसमें कुछ अधिकारी मोबाइल फोन पर गेम खेलते दिखाई दिए। जब सदन में जलभराव, सफाई और नागरिक सुविधाओं जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा चल रही थी, उस समय अधिकारियों का यह रवैया सवालों के घेरे में आ गया।
गौरतलब है कि रायपुर नगर निगम ने वर्ष 2026-27 के बजट में नालों की सफाई, जल निकासी और अन्य विकास कार्यों के लिए करीब 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह राशि पिछले वित्तीय वर्ष के लगभग 2,000 करोड़ रुपये के बजट की तुलना में काफी अधिक है। इसके बावजूद मानसून की शुरुआत में ही शहर के कई इलाकों में जलभराव की शिकायतें सामने आई हैं।
विशेष सामान्य सभा की तस्वीरों ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ शहर में जलभराव और मूलभूत सुविधाओं को लेकर चर्चा हो रही थी, तो दूसरी तरफ निगम मुख्यालय की छत से पानी टपकना और अधिकारियों का मोबाइल पर व्यस्त नजर आना प्रशासनिक तैयारियों और जवाबदेही पर नई बहस छेड़ गया है।

Comments