कोयला घोटाले में बड़ा एक्शन! फरार रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव EOW की हिरासत में

कोयला घोटाले में बड़ा एक्शन! फरार रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव EOW की हिरासत में


रायपुर :  छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कथित कोयला लेवी घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि मामले से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर उनसे लगातार जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच एजेंसियों के अनुसार, दर्ज एफआईआर में पहले से ही रामगोपाल अग्रवाल और उनके पुत्र वैभव अग्रवाल का नाम शामिल है। रामगोपाल अग्रवाल फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं, जबकि वैभव को हिरासत में लेकर कथित लेवी वसूली और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के संबंध में पूछताछ की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि हिरासत की निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले उन्हें EOW की विशेष अदालत में पेश किया जा सकता है।

इस मामले पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि EOW सहित सभी जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मामला पुराना है और जिसके पास भी इससे जुड़ी जानकारी है, उसे जांच एजेंसियों के साथ साझा करना चाहिए। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

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क्या है कथित कोयला लेवी घोटाला?

जांच एजेंसियों के मुताबिक, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच प्रदेश में कोयला परिवहन के दौरान प्रति टन 25 रुपये की कथित अवैध लेवी वसूली गई। आरोप है कि ऑनलाइन परमिट व्यवस्था को प्रभावित कर एक संगठित नेटवर्क के जरिए कोयला परिवहन से जुड़े कारोबारियों से अवैध वसूली की जाती थी।

जांच में सूर्यकांत तिवारी और निलंबित उप सचिव सौम्या चौरसिया को इस कथित सिंडिकेट का प्रमुख बताया गया है। एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई।

जांच के दौरान कथित लेवी वसूली के लिए कई व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। अब तक प्रवर्तन निदेशालय (ED) करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियां अटैच कर चुका है, कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और विशेष अदालत में आरोप पत्र भी दाखिल किए जा चुके हैं। EOW की ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले की जांच एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।







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