25 साल पुराना मफलर दिखाकर भावुक हुए PM मोदी, भारतीयों से बोले- आपका प्यार आज भी संभालकर रखा है

25 साल पुराना मफलर दिखाकर भावुक हुए PM मोदी, भारतीयों से बोले- आपका प्यार आज भी संभालकर रखा है

न्यूजीलैंड में पीएम मोदी भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे हैं। यहां उन्होंने कहा कि आज 40 साल बाद भारत का कोई पीएम न्यूजीलैंड आया है। प्रधानमंत्री के रूप में भले ही मेरा पहला न्यूजीलैंड दौरा था, लेकिन 25-30 साल पहले जब मैं किसी सरकार का हिस्सा नहीं था, तब मुझे न्यूजीलैंड आना का मौका मिला था। उस समय मुझे किसी ने गिफ्ट में तीन चीजें दी थीं- एक मफलर, दूसरा कैप और तीसरा दस्ताना। उसमें से एक चीज में अभी मैं अभी यहां इस कार्यक्रम में भी लेकर आया हूं। ये मफलर 25-30 साल पहले मुझे न्यूजीलैंड के एक साथी ने दिया था। इतने साल में मैंने कई बार इसे उपयोग किया और आज भी इसे संभाल कर रखा हूं, जैसे आपके प्यार को संभालकर रखता हूं।

'भारत-न्यूजीलैंड वाका नए सफर पर निकलने के लिए तैयार'
पीएम मोदी ने कहा, जब मेरा यहां आने का कार्यक्रम बना था, तो मैं इसे अपने साथ लेकर आया। भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते को न्यूजीलैंड की सुंदर परम्परा, अच्छे से डिफाइन करती है। यहां सदियों से एक शब्द लोगों को जोड़ता आया है- वाका। वाका सिर्फ एक नाव का नाम नहीं है, वाका हमारी शेयर्ड जर्नी का प्रतीक है। अब भारत-न्यूजीलैंड की यही वाका एक नए सफर पर निकलने के लिए तैयार है। हमारे सामने अवसरों से भरा खुला समुद्र है। हवाएं हमारे साथ हैं, समंदर की विशाल लहरें हमारे साथ हैं। इच्छाशक्ति का नीला आसमान हमारे साथ है। पाने को काफी कुछ है और मैं जानता हूं हम सफल होंगे। मुझे इस यात्रा की सफलता पर पूरा भरोसा है, क्योंकि इसके असली नाविक आप सभी हैं। न्यूजीलैंड के कोने-कोने में फैला भारतीय समुदाय इस जर्नी का एक नाविक है।

'न्यूजीलैंड की असली ताकत यहां के स्थानीय लोग हैं'
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, न्यूजीलैंड की असली ताकत यहां के स्थानीय लोग हैं। यहां के लोगों ने दिखाया है कि कोई देश जब एक जुनून, एक जज्बे के साथ आगे बढ़ता है तो वो दुनिया को इंस्पायर करता है। किवी इंडियन कम्यूनिटी को भी न्यूजीलैंड के दिलदार लोगों ने बहुत प्रेम से अपनाया है। अपनी टीम का हिस्सा बनाया है। उन्होंने आपके टैलेंट, आपके विजन पर ट्रस्ट किया है। आज न्यूजीलैंड की इकॉनोमी, यहां की सोसायटी, किवी इंडियन्स नये-नये रंग भर रहे हैं। न्यूजीलैंड वो जगह है, जहां निखिल रविशंकर, एयर न्यूजीलैंड के सीईओ बन सकते हैं, जहां आनंद सत्यानंद गवर्नर जनरल बन सकते हैं, जहां क्रिकेट टीम में रचिन रविंद्र, सोढी और रैदास पटेल जैसे टैलेंट को अवसर मिल सकता है। न्यूजीलैंड वो जगह है, जहां की सड़कों में भी भारतीय शहरों को सम्मान दिया गया है। कहीं खंडाला है, तो बॉम्बे हिल्स है, कहीं कोरोमंडल है, कलकत्ता स्ट्रीट है, दिल्ली क्रिसेंट, अमृतसर स्ट्रीट जैसे कितने नाम है। यहां रहते हुए आप भी पूरे के पूरे किवी हो चुके हैं।

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'भारत प्राचीनता को सहेजते हुए आधुनिकता को स्वीकार कर रहा'
पीएम मोदी ने कहा, आप सभी जानते हैं कि भारत हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता है, जो आज अपनी प्राचीनता को सहेजते हुए आधुनिकता को स्वीकार कर रहा है। हर दौर में भारत ने खुद को ट्रांसफॉर्म किया है इसका कारण है हमारी सीखने की ललक। भारत सबसे सीखता है। हमारे लिए सामने वाले देश की जनसंख्या नहीं, जनकल्याण की भावना मायने रखती है इसलिए हमने न्यूजीलैंड से भी बहुत कुछ सीखा है और अब भी सीख रहे हैं। न्यूजीलैंड दुनिया का वो देश है जिसने सबसे पहले महिलाओं को वोटिंग का अधिकार दिया था। आज हम देखते हैं कि न्यूजीलैंड की सोसायटी में वीमेन बहुत बड़े पैमाने में सहयोग दे रही हैं। भारत भी आज वीमने लेड डेवलपमेंट के साथ महिलाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल रहा है। ग्रामीण इकोनॉमी कैसे किसी देश की तकदीर बदल सकती है, ये न्यूजीलैंड ने करके दिखाया है। ये भारत जैसे छोटे किसानों वाले बड़े एग्रीकल्टर नेशन के लिए बहुत बड़ी सीख है।

'सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है भारत'
पीएम मोदी ने आगे कहा, भारत में हम धरती मां के संरक्षण के लिए एक पेड़ मां के नाम और प्राकृतिक खेती मिशन जैसे अनेक अभियान चला रहे हैं। हम जितना प्यार जन्म भूमि को करते हैं उतना ही समर्पण कर्म भूमि को भी करते हैं। वैश्विक चुनौतियों के बीच आज भारत जिस तेजी से विकास कर रहा है, वो अभूतपूर्व है। भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से ग्रो करने वाली इकोनॉमी है। भारत, दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीन प्रोड्यूसर है। भारत मोबाइल डेटा कंजप्शन में दुनिया के अग्रणी देशों में है। आज भारत, दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्यूफेक्चरर है। आज का भारत, दुनिया को विकास का नया मॉडल भी दे रहा है। आज भारत में यूपीआई के माध्यम से हर महीने अरबों के डिजिटल ट्रांजैक्शन हो रहे हैं। ड्रोन टेक्नोलाजी और स्पेस इकोनॉमी में भारत नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

'भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों के 100 साल पूरे'

पीएम मोदी ने कहा, इस साल भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेल संबंधों को 100 साल पूरे हो रहे हैं। 100 साल पहले हमारी हॉकी टीम खेलने के लिए न्यूज़ीलैंड गई थी। उस दौरे पर मेजर ध्यानचंद के खेल की बहुत तारीफ हुई थी। उनके हॉकी के खेल ने न्यूजीलैंड के लोगों का दिल जीत लिया था। कंटेंट क्रिएटर्स की भाषा में कहें तो, यह 'कोलाब' (मिलकर काम करने) का दौर है! भारत और न्यूज़ीलैंड खेलों में मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा, ये ट्रेड एग्रीमेंट हमारे विकसित भारत की यात्रा को गति देगा। भारत और न्यूजीलैंड दोनों के बिजनेस को नए अवसर देगा। भारत और न्यूजीलैंड के बीच एक और बहुत बड़ी समानता है।

भारत-न्यूजीलैंड के बीच कई समानताएं

उन्होंने आगे कहा, भारतीय देश से बाहर जिस भी देश में रहते हैं, वहां उस देश की प्रगति में पूरी तरह मदद करते हैं और अपने देश के विकास की भी जानकारी रखते हैं। हम जितना प्यार जन्मभूमि को करते हैं, उतना ही समर्पण कर्मभूमि को भी करते हैं। स्पेस सेक्टर खुद भारत और न्यूजीलैंड के बीच आर्थिक साझेदारी की अपार संभावनाओं को दिखाता है। हमारे व्यापार समझौते में भी यही भावना झलकती है। यह समझौता विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को तेज करेगा। इससे भारत और न्यूजीलैंड, दोनों देशों में व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। हमारे दोनों देशों के बीच एक और महत्वपूर्ण समानता है। यह समानता है अपनी मूल संस्कृतियों को मनाने और उन्हें संरक्षित करने के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता।

'अब 40 साल नहीं लगेंगे'

पीएम मोदी ने कहा, एक बात और कहूंगा कि इस बार भारतीय प्रधानमंत्री को न्यूजीलैंड आने में 40 साल लगे हैं, लेकिन अब इंतना लंबा इंतजार आपको नहीं करना पड़ेगा, अब 40 साल नहीं लगेंगे... ये मोदी की गारंटी है। जिस तरह भारत अपनी अर्थव्यवस्था और पर्यावरण को बहुत महत्व देता है, उसी तरह वह अपनी विरासत को भी उतना ही महत्व देता है। इस प्रतिबद्धता का एक प्रमाण वह तरीका है जिससे भारत ने गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप की रक्षा की। जब अफ़गानिस्तान संकट का सामना कर रहा था, तब हम गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप को पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ भारत लाए।







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