दो बच्चों के घायल होने के मामले में उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस, 7 दिन में जांच रिपोर्ट तलब

दो बच्चों के घायल होने के मामले में उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस, 7 दिन में जांच रिपोर्ट तलब

बेमेतरा टेकेश्वर दुबे :  बेमेतरा जिले के विकासखंड साजा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला गुवारा में कक्षा की छत का प्लास्टर गिरने से दो स्कूली बच्चों के घायल होने की घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं के निर्देश पर मामले की उच्चस्तरीय जांच प्रारंभ कर दी गई है। घटना के संबंध में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जांच एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

घटना में प्रवेश (पिता चन्द्रशेखर) एवं पारस (पिता सुरेश) नामक दो विद्यार्थी घायल हुए हैं। संबंधित विद्यालय भवन का मरम्मत कार्य मुख्यमंत्री जतन योजना के अंतर्गत वर्ष 2023 में स्वीकृत होकर कराया गया था। मरम्मत कार्य की गुणवत्ता एवं निर्माण एजेंसी की भूमिका की जांच के लिए चार सदस्यीय संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है।

जांच दल में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री डी.के. चंदेल, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अनुविभागीय अधिकारी श्री अमर सिंह पैंकरा, सीजीएमएससी के उप अभियंता श्री कमल सिन्हा तथा मंडी बोर्ड के उप अभियंता श्री परवेज बेग को शामिल किया गया है। समिति को सात दिवस के भीतर विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

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जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला गुवारा के प्रधान पाठक को कारण बताओ सूचना जारी करते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि जर्जर भवन में बच्चों को नहीं बैठाने तथा भवन को बंद रखने के पूर्व निर्देशों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण यह घटना हुई। समय-सीमा में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इसी प्रकार विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक एवं संबंधित संकुल समन्वयक से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि जर्जर एवं मरम्मत योग्य विद्यालय भवन का निरीक्षण कर उसे चिन्हित करने, ताला बंद कराने तथा प्रधान पाठक को आवश्यक निर्देश देने में लापरवाही बरती गई, जिससे अप्रिय घटना घटित हुई।

कलेक्टर कार्यालय से जिला शिक्षा अधिकारी को जारी ज्ञापन में निर्देशित किया गया है कि घटना के संबंध में विस्तृत जांच प्रतिवेदन तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि जर्जर भवनों की सूची में उक्त विद्यालय को शामिल क्यों नहीं किया गया तथा बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कार्रवाई की गई थी।

वहीं मुख्यमंत्री जतन योजना के अंतर्गत कराए गए मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के कार्यपालन अभियंता को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि निर्माण कार्यों में आवश्यक सुधार, निरीक्षण एवं संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने से गुणवत्ताहीन कार्य सामने आए। अधिकारी को 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटना की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच कर दोषी पाए जाने वाले सभी संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







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