15 जुलाई को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि और बुधवार का दिन है। प्रतिपदा तिथि बुधवार को दोपहर पहले 11 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। 15 जुलाई को सुबह 8 बजकर 5 मिनट तक हर्षण योग रहेगा। बुधवार को रात 9 बजकर 47 मिनट तक पुष्य नक्षत्र रहेगा। आपको बता दें कि प्रतिवर्ष आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होती है। 15 जुलाई से लेकर 22 जुलाई तक पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग नौ शक्ति स्वरूपों की पूजा की जायेगी। दरअसल वर्ष में चार बार पौष, चैत्र, आषाढ़ और अश्विन माह में नवरात्र आते हैं। चैत्र और आश्विन में आने वाले नवरात्र प्रमुख होते हैं, जबकि अन्य दो महीने पौष और आषाढ़ में आने वाले नवरात्र गुप्त नवरात्र के रूप में मनाये जाते हैं। इस दौरान आपको शुभ मुहूर्त में ही कलश स्थापना करनी चाहिए। आइए जानते बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
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15 जुलाई 2026 का पंचांग
आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि- 15 जुलाई 2026 को दोपहर पहले 11 बजकर 52 मिनट तक
हर्षण योग- 15 जुलाई 2026 को सुबह 8 बजकर 5 मिनट तक
पुष्य नक्षत्र- 15 जुलाई 2026 को रात 9 बजकर 47 मिनट तक
15 जुलाई 2026 विशेष- गुप्त नवरात्रि
गुप्त नवरात्रि कलश स्थापना मुहूर्त- 15 जुलाई 2026 को सुबह 05:33 से 10:09 बजे तक
15 जुलाई 2026 का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त- 04:43 ए एम से 05:26 ए एम
अभिजित मुहूर्त- कोई नहीं
विजय मुहूर्त- 02:56 पी एम से 03:49 पी एम
गोधूलि मुहूर्त- 07:18 पी एम से 07:40 पी एम
अमृत काल- 04:00 पी एम से 05:27 पी एम
15 जुलाई 2026 का अशुभ समय
राहुकाल का समय
सूर्योदय-सूर्यास्त का समय
सूर्योदय- सुबह 5: 32 बजे
सूर्यास्त- शाम 7: 20 बजे

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