सावन का महीना आते ही त्योहारों की झड़ी लग जाती है। पूरे माह छोटे-बड़े कई त्योहार आते हैं। सावन में तीज का भी बहुत महत्व है। सावन की तीज को हरियाली तीज कहा जाता है। महिलाओं का यह पर्व अखंड सौभाग्य देने वाला होता है।
इस वर्ष 30 जुलाई गुरुवार के दिन से सावन का महीना लग रहा है। ऐसे में महिलाओं में हरियाली तीज की तिथि जानने की उत्सुकता अभी से बढ़ गई है। तो चलिए हम आपको हरियाली तीज की तिथि, शुभ मुहूर्त और इस दिन व्रत रखने का महत्व बताते हैं।
14 या 15 अगस्त कब है हरियाली तीज ?
हरियाली तीज का त्योहार इस वर्ष 15 अगस्त को मनाया जाएगा क्योंकि 14 अगस्त को शाम 6 बजकर 47 मिनट पर तृतीया तिथि लगेगी, वहीं 15 तारीख को शाम 5 बजकर 29 मिनट पर यह तिथि समाप्त होगी। इस लिहाज से उदया तिथि शनिवार की मानी जाएगी। इस दिन महिलाएं तीज माता का व्रत रख सकती हैं और पूजा-पाठ कर सकती हैं।
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हरियाली तीज 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त
हरियाली तीज पर यदि आप तीज माता का व्रत रखती हैं और पूजा करती हैं, तो शनिवार सुबह सूर्योदय से लेकर सुबह 9 बजकर 7 मिनट तक कभी भी पूजा कर सकती हैं। वहीं जो महिलाएं व्रत रखती हैं, वे इस दिन शाम 6 बजकर 38 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 51 मिनट तक कभी भी व्रत का पारण कर सकती हैं।
हरियाली तीज का महत्व
हरियाली तीज का त्योहार अब देश के कोने-कोने में मनाया जाता है, मगर यह उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान का लोकप्रिय पर्व है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। पौराणिक मान्यता है कि हरियाली तीज का व्रत सबसे पहले देवी पार्वती ने शिव जी को पति रूप में पाने के लिए रखा था। इसलिए हरियाली तीज के दिन विवाहित महिलाएं और कुंवारी कन्या , दोनों ही व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यता है कि कुंवारी कन्या इस दिन मनचाहा वर पाने के लिए व्रत रखती हैं और विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य के लिए यह व्रत रखती हैं।
अत: सही तिथि और शुभ मुहूर्त पर हरिया तीज का त्योहार मनाने और व्रत-पूजा करने से शुभ फल जरूर प्राप्त होते हैं।

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