172 करोड़ के CSMCL ओवरटाइम घोटाले में बड़ा एक्शन! पूर्व MD अरुणपति त्रिपाठी गिरफ्तार, EOW-ACB को पूछताछ में बड़े खुलासों की उम्मीद

172 करोड़ के CSMCL ओवरटाइम घोटाले में बड़ा एक्शन! पूर्व MD अरुणपति त्रिपाठी गिरफ्तार, EOW-ACB को पूछताछ में बड़े खुलासों की उम्मीद

 रायपुर: छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने पूर्व प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। उन्हें 17 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया।

20 जुलाई तक पुलिस रिमांड में अरुणपति त्रिपाठी

EOW-ACB ने शनिवार को अरुणपति त्रिपाठी को विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां से अदालत ने उन्हें 20 जुलाई 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी को पूछताछ में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

इन धाराओं के तहत दर्ज है मामला

EOW-ACB में CSMCL ओवरटाइम घोटाला मामले में अपराध क्रमांक 44/2024 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(बी), 8 तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 467, 468, 471 और 120-बी के तहत मामला दर्ज है। इसी मामले में अरूणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया गया है।

ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है

क्या है CSMCL ओवरटाइम घोटाला?

जांच के दौरान सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच कर्मचारियों के ओवरटाइम, अतिरिक्त चार दिवस के भुगतान, बोनस और सर्विस चार्ज के नाम पर विभिन्न मैनपावर एजेंसियों को 172 करोड़ रुपये से अधिक का कथित अवैध भुगतान किया गया। आरोप है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा सिंडिकेट द्वारा नगद कमीशन के रूप में हासिल किया गया।

जांच एजेंसी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 29 नवंबर 2023 को तीन व्यक्तियों से 28.80 लाख रुपये नगद जब्त किए थे। इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए छत्तीसगढ़ शासन को सूचना भेजी गई थी, जिसके आधार पर EOW-ACB ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।

2019 से 2024 के बीच हुआ करोड़ों का भुगतान

विवेचना में सामने आया कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच कर्मचारियों के ओवरटाइम, चार अतिरिक्त कार्य दिवस, बोनस और सर्विस चार्ज के नाम पर मैनपावर एजेंसियों को 172 करोड़ रुपये से अधिक का कथित अवैध भुगतान किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि इस राशि का बड़ा हिस्सा कथित रूप से नगद कमीशन के रूप में एक सिंडिकेट द्वारा अर्जित किया गया। इस मामले में इससे पहले 12 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र (चार्जशीट) न्यायालय में प्रस्तुत किया जा चुका है।

गिरफ्तार आरोपी अरुणपति त्रिपाठी को 18 जुलाई 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 20 जुलाई 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। EOW-ACB का कहना है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य और जानकारी मिलने की संभावना है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।







You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments