मानसून में कंजंक्टिवाइटिस तेजी से फैलने वाली बीमारी है। ये एक से दूसरे में आसानी से फैलने वाला संक्रमण है। अगर परिवार में किसी एक को कंजंक्टिवाइटिस हो जाए तो करीबी संपर्क में रहने वाले परिवार के सदस्यों को भी खतरा रहता है। आमतौर पर इसे पिंक आई के नाम से जाना जाता है। ये वायरल कंजंक्टिवाइटिस गंदे हाथों, तौलियों, तकिए के कवर, मोबाइल फोन और बार-बार आंख को छूने से फैलता है। ये किसी की आंखों में देखने मात्र से नहीं होता है।
कंजंक्टिवाइटिस कैसे फैलता है?
शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भुमेश त्यागी ने बताया कि वायरल कंजंक्टिवाइटिस, सबसे आम प्रकार है जो तेजी से फैलता है। अगर किसी को इंफेक्शन हो रखा है तो उसके हाथ से दूसरे हाथ छूने से, तौलिये, तकिए और दूसरी पर्सनल चीजों के सीधे संपर्क में आने से ये फैलता है। स्कूल जाने वाले बच्चे अक्सर तेजी से इसकी चपेट में आते हैं। नजदीकी संपर्क में आने पर ये माता-पिता या भाई-बहनों तक में फैल सकता है। पहले ये एक आंख में होता है और फिर दूसरी आंख में फैल जाता है।
ये भी पढ़े :मुखिया के मुखारी - पैसा सबसे ज्यादा जरुरी है
कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण
कितने दिन रहता है कंजंक्टिवाइटिस संक्रमण
आमतौर पर 7-14 दिनों तक या जब तक आंखें लाल, पानीदार और पानी बहना बंद न हो जाएं, तब तक संक्रमण बना रहता है। संक्रमण फैलने की संभावना पहले 3 से 5 दिनों में सबसे ज्यादा होता है। जब परिवार के किसी एक सदस्य को कंजंक्टिवाइटिस हो जाता है, तो साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें। क्योंकि इससे पूरे परिवार में एक से दूसरे में ये फैल सकता है।
कंजंक्टिवाइटिस को फैलने से कैसे रोकें
डॉक्टर को कब दिखाएं
अगर कंजंक्टिवाइटिस के साथ शरीर में कुछ और भी लक्षण दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लें।
अगर इंफेक्शन होने के कुछ दिनों में सुधार न आए तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसा किसी दूसरी बीमारी के लक्षण भी हो सकते हैं।

Comments