गोलू कैवर्त बलौदाबाजार : जिला कलेक्टर कुलदीप शर्मा और पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने शुक्रवार को जिला जेल बलौदाबाजार का औचक निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था से लेकर बंदियों को मिल रही सुविधाओं तक का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जेल में निरुद्ध बंदियों के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण शुरू कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सजा की अवधि पूरी करने के साथ यदि बंदी कोई हुनर सीखते हैं तो इससे उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने जेल को पहले से ही वीटीपी के रूप में पंजीकृत होने की जानकारी लेते हुए प्रशिक्षण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कारपेंटरी प्रशिक्षण को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि बंदियों को बांस से विभिन्न उपयोगी और आकर्षक कलाकृतियां बनाने का प्रशिक्षण दिया जा सकता है, जिससे उनके हुनर को रोजगार और आय के साधन से जोड़ा जा सके।
इस दौरान कलेक्टर और एसपी ने जेल की अलग-अलग बैरकों का निरीक्षण किया और वहां निरुद्ध बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और सुविधाओं की जानकारी ली। बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, उपचार और परिजनों से मुलाकात की व्यवस्था को लेकर भी जेल अधीक्षक से जानकारी ली गई।
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कलेक्टर ने जेल में बंदियों के लिए बेहतर पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लाइब्रेरी विकसित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जरूरत के अनुसार पंखे और टीवी उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
अधिकारियों ने जेल की पाकशाला का भी निरीक्षण किया और बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता जांची। भोजन पकाने की प्रक्रिया और निर्धारित मेन्यू की जानकारी लेते हुए कलेक्टर ने बंदियों को तय मेन्यू के अनुसार पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जेल में अपने परिजनों से मुलाकात करने पहुंचे लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने पूछा कि मुलाकात के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं होती। परिजनों ने बताया कि निर्धारित समय के अनुसार मुलाकात और फोन पर बातचीत की सुविधा मिल रही है और उन्हें कोई विशेष समस्या नहीं है।
जेल अधीक्षक ने अधिकारियों को बताया कि वर्तमान में 12 बैरकों में कुल 390 बंदी निरुद्ध हैं। जेल में कुल 17 बैरक हैं, जिनकी क्षमता करीब 410 बंदियों की है। बंदियों से मुलाकात का समय सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है। प्रतिदिन करीब 30 से 50 लोग अपने परिजनों से मिलने जेल पहुंचते हैं।
मुलाकात व्यवस्था को और सुविधाजनक बनाने के लिए वर्तमान एक काउंटर के अलावा पांच नए काउंटर भी तैयार किए जा रहे हैं। वहीं, जेल परिसर की सुरक्षा पर नजर रखने के लिए अंदर और बाहर करीब 80 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
निरीक्षण के दौरान डिप्टी कलेक्टर रजनी छड़ीमली, सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार अवस्थी, कार्यपालन अभियंता अनुज शर्मा, सहायक जिला जेल अधीक्षक अभिषेक मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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