छत्‍तीसगढ़

तीन महीने से चावल के लिए भटक रहा विशेष पिछड़ी जनजाति का कमार परिवार, राशनकार्ड निरस्त होने से भूखमरी जैसी स्थिति!

बांस के बर्तन बनाकर बेचने वाले राम सिंग कमार की पीड़ा—दुकान से 40 रुपये किलो तक चावल खरीदकर गुजार रहे…