छुरा के मानस मंदिर प्रांगण में आकार ले रहा भव्य श्रीराम-जानकी मंदिर, नींव से स्तंभ निर्माण तक पहुंचा कार्य

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राजस्थान के श्वेत संगमरमर से सजेगा प्रभु श्रीराम का भव्य धाम, करीब 40 लाख रुपये की अनुमानित लागत से होगा पुनर्निर्माण; मंदिर निर्माण समिति ने श्रद्धालुओं से की सहयोग की अपील

परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद/छुरा :  “राम काज किन्हु बिनु, मोहि कहाँ विश्राम” की भावना को आत्मसात करते हुए छुरा नगर के मानस मंदिर प्रांगण में भव्य श्रीराम-जानकी मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य निरंतर आगे बढ़ रहा है। श्रद्धा, विश्वास, इच्छाशक्ति और सामूहिक संकल्प से आकार ले रहा यह मंदिर नगर की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा का प्रतीक बनने की दिशा में अग्रसर है। मानस यज्ञ समिति एवं मंदिर निर्माण समिति, छुरा द्वारा मंदिर को स्थायी, सुरक्षित और भव्य स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से राजस्थान के श्वेत संगमरमर से मंदिर का पुनर्निर्माण कराने का संकल्प लिया गया है। इसके लिए राजस्थान के कुशल शिल्पकारों की कला और कारीगरी का सहारा लिया जाएगा। मंदिर निर्माण पर वर्तमान अनुमान के अनुसार लगभग 40 लाख रुपये की लागत आने की संभावना है।

वर्षों पुराने मंदिर को मिलेगा स्थायी और भव्य स्वरूप
छुरा नगर के मानस मंदिर प्रांगण में स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। समय के साथ वर्षा, धूप और नमी के प्रभाव से पुराने मंदिर की संरचना क्षतिग्रस्त होने लगी थी। मंदिर को सुरक्षित रखने के लिए समय-समय पर मरम्मत और सुधार के प्रयास भी किए गए, लेकिन स्थायी समाधान की आवश्यकता बनी रही। इसी परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए मानस यज्ञ समिति एवं मंदिर निर्माण समिति ने मंदिर के पुनर्निर्माण का निर्णय लिया, ताकि वर्तमान के साथ आने वाली पीढ़ियों को भी एक सुरक्षित, सुंदर और भव्य धार्मिक धरोहर मिल सके।समिति का उद्देश्य केवल पुराने मंदिर की मरम्मत कराना नहीं, बल्कि प्रभु श्रीराम, माता जानकी और सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था को एक स्थायी स्वरूप प्रदान करना है। राजस्थान के श्वेत संगमरमर से मंदिर के निर्माण की परिकल्पना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुआ निर्माण कार्य
नवीन मंदिर के निर्माण की प्रक्रिया विधिवत पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ की गई। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्रभु श्रीराम, माता जानकी, भ्राता लक्ष्मण एवं श्री हनुमान जी के विग्रहों को सुरक्षित स्थान पर विराजित किया गया। इसके पश्चात विधिवत भूमिपूजन कर मंदिर निर्माण का कार्य आरंभ हुआ।
प्रभु श्रीराम की कृपा और श्रद्धालुओं के सहयोग से निर्माण कार्य ने धीरे-धीरे गति पकड़ी और अब मंदिर की नींव से आगे बढ़ते हुए स्तंभ निर्माण तक पहुंच चुका है। यह प्रगति उन श्रद्धालुओं के विश्वास और समर्पण का परिणाम है, जिन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस पुनीत कार्य में योगदान दिया है।
निर्माण कार्य के प्रत्येक चरण के साथ मंदिर के भव्य स्वरूप की कल्पना अब धरातल पर दिखाई देने लगी है। समिति को विश्वास है कि नगरवासियों और आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं का सहयोग इसी प्रकार मिलता रहा, तो मंदिर निर्माण का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा।

करीब 40 लाख रुपये की लागत का अनुमान, जनसहयोग से पूरा होगा संकल्प
मंदिर निर्माण समिति के अनुसार, श्रीराम-जानकी मंदिर के भव्य पुनर्निर्माण पर वर्तमान अनुमान के मुताबिक लगभग 40 लाख रुपये खर्च होने की संभावना है। इतने बड़े धार्मिक निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए व्यापक जनसहयोग की आवश्यकता है। नगर और आसपास के क्षेत्रों के श्रीराम भक्त अपनी श्रद्धा एवं सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

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कई श्रद्धालुओं ने अपने परिवार, माता-पिता और पूर्वजों के नाम से सहयोग राशि समर्पित कर इस पुनीत कार्य में सहभागिता निभाई है। उनके लिए यह केवल दान नहीं, बल्कि अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने और अपनी धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का एक माध्यम है।
श्रद्धालुओं से प्राप्त सहयोग राशि के माध्यम से ही मंदिर की नींव से लेकर स्तंभ निर्माण तक का कार्य आगे बढ़ा है। समिति ने सभी दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस निर्माण यात्रा में प्रत्येक सहयोग महत्वपूर्ण है। किसी के लिए सहयोग की राशि छोटी हो सकती है, तो किसी के लिए बड़ी, लेकिन प्रभु के प्रति श्रद्धा और भावना का महत्व सबसे अधिक है।

शेष निर्माण कार्य के लिए श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
मंदिर के पूर्ण पुनर्निर्माण और शेष निर्माण कार्यों को पूरा करने के उद्देश्य से मानस यज्ञ समिति एवं मंदिर निर्माण समिति ने छुरा नगर सहित आसपास के गांवों के समस्त श्रीराम भक्तों, धर्मप्रेमियों और श्रद्धालुओं से अपनी श्रद्धा एवं सामर्थ्य के अनुसार आर्थिक सहयोग प्रदान करने की विनम्र अपील की है।
समिति का मानना है कि धार्मिक और सामाजिक कार्यों में सामूहिक सहभागिता से ही बड़े संकल्प पूरे होते हैं। जिस प्रकार अब तक श्रद्धालुओं ने आगे बढ़कर सहयोग दिया है, उसी प्रकार आगे भी जनसहयोग मिलता रहा, तो भव्य श्रीराम-जानकी मंदिर का सपना साकार हो सकेगा।
समिति ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे इस कार्य को केवल मंदिर निर्माण समिति की जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इसे पूरे नगर की साझा आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा अभियान मानकर सहभागी बनें। मंदिर निर्माण में दिया गया प्रत्येक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य धार्मिक धरोहर तैयार करने में सहायक होगा।

केवल भवन नहीं, आस्था और संस्कृति की अमूल्य धरोहर
छुरा के मानस मंदिर प्रांगण में आकार ले रहा श्रीराम-जानकी मंदिर केवल पत्थरों, स्तंभों और भवन का निर्माण नहीं है, बल्कि यह नगर की सामूहिक आस्था, सांस्कृतिक पहचान और सनातन परंपरा के संरक्षण का प्रयास है। मंदिर धार्मिक गतिविधियों, पूजा-अर्चना और सामाजिक-आध्यात्मिक सहभागिता का केंद्र बनकर आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
अपने ही नगर में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण होते देखना श्रद्धालुओं के लिए गौरव और सौभाग्य का विषय है। यह निर्माण कार्य इस बात का भी संदेश देता है कि जब समाज किसी सकारात्मक उद्देश्य के लिए एकजुट होता है, तो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपनों को साकार करने की राह बनती है।

“आपका एक छोटा-सा सहयोग भी बनेगा मंदिर निर्माण का एक पत्थर”
मंदिर निर्माण समिति ने समस्त श्रीराम भक्तों से भावपूर्ण आह्वान करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम के इस पावन धाम के निर्माण में प्रत्येक श्रद्धालु अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। आपके द्वारा समर्पित प्रत्येक राशि केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि आपकी श्रद्धा, आपके परिवार की आस्था और अपने पूर्वजों के प्रति सम्मान का प्रतीक बनेगी।

समिति ने कहा कि “आइए, प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण में सहभागी बनें। अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग प्रदान कर इस ऐतिहासिक निर्माण यात्रा का हिस्सा बनें। आपका एक छोटा-सा सहयोग भी प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण में आपका अपना एक पत्थर होगा।”अब आवश्यकता इस बात की है कि छुरा नगर और आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालु इस पुनीत संकल्प को अपना संकल्प मानकर आगे आएं। सामूहिक सहयोग, सेवा और समर्पण से ही मानस मंदिर प्रांगण में भव्य श्रीराम-जानकी मंदिर का सपना पूर्णता की ओर बढ़ेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था की एक सुंदर विरासत छोड़ जाएगा।

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