धमतरी : जिले के नगरी वनांचल क्षेत्र के नवागांव में धर्मांतरित महिला के अंतिम संस्कार को लेकर घंटों विवाद की स्थिति बनी रही। महिला की मौत के बाद उसके शव को दफनाने की बात सामने आने पर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार किए जाने पर सहमति बनी।
जानकारी के मुताबिक, ग्राम पंचायत नवागांव में महेश्वरी साहू की मौत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर विवाद शुरू हुआ। बताया गया कि साहू परिवार के ईसाई धर्म अपनाने की बात सामने आने के बाद कुछ ग्रामीणों ने महिला के शव को गांव में दफनाने पर आपत्ति जताई।
दफनाने के बजाय दाह संस्कार पर बनी सहमति
मामला बढ़ने के बाद ग्रामीणों और मृतका के परिवार के बीच बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों की ओर से शव को दफनाने के बजाय हिंदू परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किए जाने की मांग रखी गई।
इसके बाद परिवार की ओर से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई गई। परिवार की सहमति के बाद ग्रामीणों ने भी दाह संस्कार की अनुमति दे दी।
पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में संभाली स्थिति
विवाद के दौरान गांव में तनाव की स्थिति बनी रही। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में मामले को संभाला गया। बातचीत के बाद अंतिम संस्कार को लेकर सहमति बनने से फिलहाल विवाद शांत हो गया।
हालांकि, धर्म परिवर्तन के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को लेकर सामने आया यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना ने धार्मिक मान्यताओं, अंतिम संस्कार की परंपराओं और ग्रामीण सहमति से जुड़े सवालों को भी सामने ला दिया है।




