धनतेरस पर खाली बर्तन घर लाना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें इस परंपरा के पीछे की मान्यता

Spread the love

धनतेरस 2026 : दीपावली से पहले मनाया जाने वाला धनतेरस का पर्व धन, सुख-समृद्धि और सौभाग्य की कामना से जुड़ा है। इस दिन सोना, चांदी, बर्तन और दूसरी धातुओं की वस्तुएं खरीदने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर भगवान कुबेर और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।

धनतेरस पर बर्तन खरीदने से जुड़ी एक लोक-मान्यता भी प्रचलित है। इसके अनुसार, नया बर्तन खरीदकर घर लाते समय उसे खाली नहीं रखना चाहिए। मान्यता है कि बर्तन में जल, चावल, गेहूं या कुछ सिक्के रखकर घर लाना अन्न-धन से भरे रहने की कामना का प्रतीक है। आइए जानते हैं इस परंपरा के पीछे का सांस्कृतिक अर्थ।

पूर्णता और समृद्धि का प्रतीक है नया बर्तन

धनतेरस और दीपावली को माता लक्ष्मी के स्वागत तथा घर में सुख-समृद्धि की कामना से जोड़कर देखा जाता है। इसी सोच के तहत नया बर्तन खरीदने के बाद उसे खाली घर लाने के बजाय किसी सामग्री से भरने की परंपरा कई परिवारों में निभाई जाती है।

यह परंपरा घर में पूर्णता, खुशहाली और समृद्धि की कामना को प्रतीकात्मक रूप से व्यक्त करती है। हालांकि, इसका पालन क्षेत्र और परिवार की मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

ये भी पढ़े :करवा चौथ 2026: गणेश जी और बुढ़िया माई की कथा, जिसे पढ़े बिना अधूरा माना जाता है व्रत

बर्तन में क्या भरकर लाना माना जाता है शुभ?

लोक-मान्यता के अनुसार, धनतेरस पर खरीदे गए नए बर्तन में घर लाने से पहले इनमें से कोई चीज रखी जा सकती है:

जल: जीवन और पूर्णता का प्रतीक।

चावल या गेहूं: अन्न-समृद्धि और भोजन की उपलब्धता की कामना।

सिक्के: धन और आर्थिक खुशहाली की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति।

इन चीजों को बर्तन में भरकर घर लाने का भाव यह है कि परिवार का घर पूरे साल अन्न और धन से भरा रहे।

भगवान गणेश और बरकत से जुड़ी मान्यता

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, नया बर्तन खरीदकर उसमें अन्न या जल भरकर घर लाना भगवान गणेश और बरकत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में भगवान गणेश को शुभारंभ और विघ्नों के निवारण से जोड़ा जाता है।

इस परंपरा को नए सामान के साथ घर में शुभता और समृद्धि का संकल्प लेने के रूप में भी देखा जाता है।

सकारात्मक सोच और सुख-समृद्धि का संदेश

धनतेरस पर खाली बर्तन घर न लाने की परंपरा केवल खरीदारी से जुड़ी रस्म नहीं, बल्कि अन्न-धन की निरंतर उपलब्धता की कामना का प्रतीक भी है। बर्तन में कुछ भरकर घर लाना परिवार की खुशहाली और भविष्य में समृद्धि बनाए रखने की सकारात्मक भावना को दर्शाता है।

यदि आप भी धनतेरस पर नए बर्तन खरीदते हैं, तो अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार उसमें जल, अनाज या सिक्के रखकर घर ला सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *