गरियाबंद : ग्राम पंचायत के कामकाज और शासकीय राशि के उपयोग में कथित अनियमितताओं के मामले में जिला पंचायत गरियाबंद ने सख्त कार्रवाई की है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत [आदेश में उल्लिखित पंचायत] के सचिव सत्यरंजन हंस/हसराज को पंचायत सचिव के पद से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के तहत की गई है।
आदेश के मुताबिक बर्खास्तगी का आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। जांच के दौरान पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली से जुड़े कई बिंदुओं पर गंभीर आपत्तियां दर्ज की गईं।
15वें वित्त की राशि के उपयोग पर सवाल
जांच में 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग को लेकर भी अनियमितताएं सामने आने का उल्लेख है। आदेश के अनुसार अलग-अलग मदों में राशि आहरित की गई और कुछ मामलों में स्वीकृत कार्यों के बजाय अन्य कार्यों में राशि के उपयोग की बात सामने आई।
जांच में कुल 8 लाख 83 हजार 175 रुपये की राशि वसूली योग्य पाए जाने का उल्लेख किया गया है।
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पंचायत बैठकों की कार्यवाही पर भी आपत्ति
जिला पंचायत के आदेश में ग्राम पंचायत की बैठकों से संबंधित दस्तावेजों और कार्यवाही पंजी के संधारण पर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच के अनुसार कुछ बैठकों में पारित प्रस्तावों का उल्लेख कार्यवाही पंजी में नहीं किया गया।
इसके अलावा कुछ मामलों में प्रस्ताव, कार्यवाही और राशि आहरण की प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किए जाने की बात भी सामने आई।
जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि कुछ पंचायत बैठकों की कार्यवाही में सरपंच और पंचों के हस्ताक्षर अथवा अंगूठे के निशान दर्ज नहीं किए गए थे।
उच्च अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी का भी उल्लेख
आदेश में पंचायत सचिव द्वारा उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने, पंचायत कार्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहने और पंचायत कार्यों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने से संबंधित बिंदुओं का भी उल्लेख किया गया है।
जिला पंचायत CEO ने जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सचिव के कृत्यों को पंचायत सचिव के पद से जुड़े दायित्वों के अनुरूप नहीं पाया और संबंधित नियमों के तहत बर्खास्तगी की कार्रवाई की।
25 सितंबर को जारी हुआ आदेश
यह आदेश 25 सितंबर 2026 को जारी किया गया है। आदेश की प्रतिलिपि पंचायत संचालनालय, कलेक्टर गरियाबंद, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मैनपुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मैनपुर समेत संबंधित अधिकारियों को भेजी गई है।
जिला पंचायत की इस कार्रवाई को पंचायत स्तर पर शासकीय राशि के उपयोग, बैठक की कार्यवाही के संधारण और प्रशासनिक नियमों के पालन को लेकर सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।




