मुखिया के मुखारी –विवादों से नहीं वादों से नाता रखिए…
मुखिया के मुखारी –विवादों से नहीं वादों से नाता रखिए…
मोर गांव अउ तोर सहर के खबर, छत्तीसगढ़ के हर गढ़ के खबर
मुखिया के मुखारी –विवादों से नहीं वादों से नाता रखिए…
मुखिया के मुखारी – हम विपक्षी – हम तो चुपेचाप…
मुखिया के मुखारी – बोनसाई और बरगद को एक समझने की भूल….
मुखिया के मुखारी – नेताओं के लिए तो कार्यकर्ता बस बंधुआ मजदूर है….
मुखिया के मुखारी – छत्तीस के छत्तीसगढ़ी दांव यूपी में आजमाएंगे…
मुखिया के मुखारी – दिल गलती कर बैठा है ….
मुखिया के मुखारी – ना तुम हो किसान – ना अब रहोगे किसी की शान….
मुखिया के मुखारी – हर हाल में छत्तीसगढ़िया को सबले बढ़िया बने रहना है…
मुखिया के मुखारी –आपके उत्तर प्रदेश मोह के लिए हर छत्तीसगढ़ीया आपका आभारी है….
मुखिया के मुखारी – चव्वनी को रुपया से बड़ा समझने की ये है भूल….