रायपुर : छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सूरजपुर, रायगढ़ और बीजापुर जिले में छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के नए भवन बनाए जाएंगे। इसके लिए शासन ने कुल 2 करोड़ 70 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में पहली किस्त के रूप में 67 लाख 72 हजार 500 रुपये जारी करने पर भी सहमति दी गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के प्रयासों के तहत यह स्वीकृति दी गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से इन भवनों के निर्माण का रास्ता साफ हुआ है।
इन छह स्थानों पर बनाए जाएंगे नए भवन
शासन के निर्णय के अनुसार, नए परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों का निर्माण तीन जिलों में किया जाएगा।
सूरजपुर जिला: भैयाथान और ओड़गी
रायगढ़ जिला: तमनार
बीजापुर जिला: बीजापुर, उसूर और भोपालपटनम
प्रत्येक भवन के निर्माण के लिए 45 लाख 15 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस तरह छह भवनों पर कुल 2 करोड़ 70 लाख 90 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
ये भी पढ़े :रायगढ़ के परसा गांव में बनेंगे दो नए स्कूल भवन, DMF से 33.90 लाख रुपये मंजूर
पहली किस्त के रूप में 67.72 लाख रुपये
वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्माण कार्यों के लिए पहली किस्त के तौर पर 67 लाख 72 हजार 500 रुपये जारी करने पर सहमति दी गई है। राशि का उपयोग शासन द्वारा निर्धारित व्यय सीमा और नियमों के अनुसार करना होगा।
महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं को मिलेगी मजबूती
महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, विकास तथा उनके अधिकारों और हितों के संरक्षण से जुड़ी योजनाओं का संचालन करता है। परियोजना-सह-संसाधन केंद्र इन योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन, विभागीय कर्मचारियों के बीच समन्वय और सेवाओं की निगरानी में अहम भूमिका निभाते हैं।
नए भवन बनने से विभागीय कार्यों के संचालन के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध होगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन और हितग्राहियों से जुड़े कामों में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विभागीय गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिल सकती है।
अगली किस्त के लिए देना होगा उपयोग प्रमाण-पत्र
शासन के आदेश के अनुसार, अगली किस्त का प्रस्ताव भेजते समय पहली किस्त के उपयोग का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके साथ निर्माण कार्य की भौतिक और वित्तीय प्रगति का विवरण भी देना होगा।
स्वीकृत राशि का उपयोग निर्धारित नियमों के तहत किया जाएगा। इससे निर्माण कार्यों की प्रगति और खर्च की निगरानी सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है।




