धमतरी : जिले में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश का असर अब बांधों पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार बारिश के चलते माडमसिल्ली बांध में जलभराव 98 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिसके बाद एयर प्रेशर के कारण बांध के गेट ऑटोमैटिक खुल गए। वहीं गंगरेल बांध में भी तेजी से पानी की आवक बढ़ रही है और गेट खोलने की तैयारी की जा रही है।
98% भराव के बाद खुद खुले माडमसिल्ली के गेट
माडमसिल्ली बांध में जलस्तर बढ़कर 98 प्रतिशत पहुंचने के बाद एयर प्रेशर के चलते गेट अपने आप खुल गए। बताया जाता है कि अंग्रेजों के समय बनाए गए बांध में सायफन सिस्टम लगाया गया है। जलभराव एक निर्धारित स्तर तक पहुंचने पर पानी के दबाव से गेट स्वतः खुल जाते हैं।
गेट खुलने के बाद बांध से बड़ी मात्रा में पानी का बहाव शुरू हो गया है। इससे आसपास के इलाकों में प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
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गंगरेल में तेजी से बढ़ी पानी की आवक
वहीं प्रदेश के प्रमुख जलाशयों में शामिल रविशंकर सागर जलाशय परियोजना (गंगरेल) में भी पानी की आवक लगातार बनी हुई है। बांध में 3548 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई है और जलभराव लगातार बढ़ रहा है।
गंगरेल बांध में करीब 90.72 प्रतिशत जलभराव होने के बाद अब गेट खोलने की तैयारी की जा रही है। जलस्तर और पानी की आवक पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बांध के आसपास के गांवों की निगरानी
लगातार बारिश के चलते धमतरी जिला पूरी तरह तरबतर हो चुका है और जिले में बारिश का कोटा भी लगभग पूरा होने की स्थिति में है। बांधों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बांध के आसपास बसे गांवों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
प्रशासन और संबंधित विभाग पानी के बहाव तथा जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।




